37 की उम्र में कप्तान बना भारत का दिग्गज खिलाड़ी, अचानक क्यों मिली टीम की कमान?

37 की उम्र में कप्तान बना भारत का दिग्गज खिलाड़ी, अचानक क्यों मिली टीम की कमान?


Delhi vs Vidarbha Vijay Hazare Trophy: विजय हजारे ट्रॉफी में मंगलवार (13 जनवरी) को चौथे क्वार्टर फाइनल मैच में दिल्ली और विदर्भ की टीमें आमने-सामने हुईं. विदर्भ ने 50 ओवर में 9 विकेट पर 300 रनों का बड़ा स्कोर बनाया है. टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी के लिए बुलाए जाने के बाद उसके लिए यश राठौर ने सबसे ज्यादा 86 और अथर्व तायदे ने 62 रनों की पारी खेली. ध्रुव शोरे दुर्भाग्यशाली रहे और एक रन से अर्धशतक से चूक गए. वह 49 रन बनाकर आउट हुए. दिल्ली के लिए ईशांत शर्मा, प्रिंस यादव, नवदीप सैनी और नीतीश राणा ने 2-2 विकेट लिए.

इशांत के 200 विकेट पूरे

मैच से पहले दिल्ली ने 37 साल के तेज गेंदबाज इशांत शर्मा को अचानक से कप्तान बन गया. उन्होंने सात साल बाद टीम के लिए इस जिम्मेदारी को संभाला. इस अनुभवी खिलाड़ी ने इस मौके पर लिस्ट ए क्रिकेट में 200 विकेट पूरे किए. इशांत ने यह मील का पत्थर तब हासिल किया जब उन्होंने 25वें ओवर में विदर्भ के ओपनर अथर्व तायदे को आउट किया. यह एक महत्वपूर्ण सफलता साबित हुई, क्योंकि तायदे ने 72 गेंदों में 62 रन बनाकर पारी को संभाला था और ध्रुव शौरी के साथ दूसरे विकेट के लिए 90 रन की साझेदारी की थी.

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इशांत ने हासिल की बड़ी उपलब्धि

मैच में सिर्फ एक विकेट की जरूरत थी, इशांत ने पुरानी गेंद का इस्तेमाल करते हुए अनुशासित स्पेल से यह उपलब्धि हासिल की. अपने 200 लिस्ट ए विकेटों में से 115 विकेट उन्होंने वनडे इंटरनेशनल में लिए हैं. इशांत ने 2007 में वनडे में डेब्यू किया था और सीनियर नेशनल टीम के साथ लगातार खेलते रहे, हालांकि उन्होंने 2016 के बाद से इस फॉर्मेट में नहीं खेला है. अपने करियर के दूसरे हाफ में वह रेड-बॉल स्पेशलिस्ट बन गए और 115 टेस्ट मैचों में 311 विकेट लिए.

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घरेलू मैचों में बहा रहे पसीना

2021 के बाद से टेस्ट टीम में वापसी न मिलने के बावजूद इशांत घरेलू सर्किट में लगातार मेहनत कर रहे हैं. सालों से दिल्ली के लिए नियमित रूप से खेल रहे हैं. इशांत को आखिरी बार कप्तानी का मौका 2019 में मिला था जब उन्होंने सैयद मुश्ताक अली घरेलू T20 टूर्नामेंट में दिल्ली की कप्तानी की थी. वह इस सीजन में टीम के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी रहे हैं. उन्होंने सात मैचों में आठ विकेट लिए हैं.

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इशांत दिल्ली की कप्तानी क्यों कर रहे?

इशांत को ऋषभ पंत की गैरमौजूदगी में कप्तान बनाया गया, जिन्होंने ग्रुप स्टेज में टीम की कप्तानी की थी. पंत को वडोदरा में न्यूजीलैंड के खिलाफ चल रही तीन मैचों की सीरीज के लिए भारत की वनडे टीम से जुड़ने के बाद चोट लग गई थी और तब से उन्हें बाकी मैचों से बाहर कर दिया गया है. दिल्ली के पास आयुष बदोनी भी नहीं थे, जिन्होंने हाल के दिनों में टीम की कप्तानी की है. इस ऑलराउंडर को वनडे सीरीज के लिए पहली बार इंडिया टीम में बुलाया गया है. उन्होंने चोटिल वॉशिंगटन सुंदर की जगह ली है.



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