Indore News: इंदौर की सिंधी कॉलोनी! जहां है व्यापार और संस्कृति का अनोखा संगम, जानें इसकी खासियत

Indore News: इंदौर की सिंधी कॉलोनी! जहां है व्यापार और संस्कृति का अनोखा संगम, जानें इसकी खासियत


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Indore News: भारतीय सिंधू समाज के रवि भाटिया ने बताया कि इंदौर और सिंधी समाज का नाता गहरा है जो आजादी से पहले का है. पहले सिंधी यहां निवास नहीं करते थे, बल्कि व्यापार के लिए आते थे. इंदौर का इतिहास कपड़ा मिल से जुड़ा है. पाकिस्तान के सिंध प्रांत से व्यापारी यहां आते थे और यहां की आबो हवा और खानपान उन्हें बहुत पसंद आते थे. विभाजन के बाद ये व्यापारी इंदौर आकर यहां वही काम करने लगे, जो वे सिंध में करते थे.

इंदौर का एक ऐसा इलाका जो अपनी चकाचौंध और चहल-पहल के लिए मशहूर है. यहां छोटे से लेकर बड़े हर सामान मिलते हैं. वह भी अन्य बाजारों से कम कीमत और उच्च क्वालिटी पर. रेडीमेड गारमेंट्स और खानपान के लिए प्रसिद्ध है इंदौर की सिंधी कॉलोनी जिसे MP का सिंध भी कहा जाता है. यहां लगभग 2 लाख से ज्यादा सिंधी समाज के लोग रहते है. इनके यहां बसने और बाजार बनाने की कहानी दिलचस्प है.

भारतीय सिंधू समाज के रवि भाटिया ने बताया कि इंदौर और सिंधी समाज का नाता गहरा है जो आजादी से पहले का है. पहले सिंधी यहां निवास नहीं करते थे, बल्कि व्यापार के लिए आते थे. इंदौर का इतिहास कपड़ा मिल से जुड़ा है. पाकिस्तान के सिंध प्रांत से व्यापारी यहां आते थे और यहां की आबो हवा और खानपान उन्हें बहुत पसंद आते थे. विभाजन के बाद ये व्यापारी इंदौर आकर यहां वही काम करने लगे, जो वे सिंध में करते थे.

इंदौर में सिंधियों के बसने की कहानी दिलचस्प है. पहले इन्हें सरकार ने सेना के इलाके के पास मानपुर में कैंप में बसाया था. इंदौर की सीमा पर इन्हें बड़ी संख्या में पट्टे की जमीन दी गई. सिंधियों का व्यापारिक स्वभाव होने के कारण उन्होंने अपने घरों के नीचे दुकानें बना लीं और ऊपर रहने लगे. इस प्रकार सिंधी कॉलोनी एक बाजार बन गई. आज भी यहां ऊपर मकान और नीचे दुकानें है. इसलिए इस इलाके को मिनी सिंध भी कहा जाता है.

रवि भाटिया बताते है कि सिंधी समाज में अधिकतर लोग व्यापारी है. यह बाजार इसलिए प्रसिद्ध हुआ क्योंकि यहां ग्राहकों को सबसे सस्ता और अच्छा सामान मिलता है. सिंधी व्यापारी कम मार्जिन पर भी धंधा करते है. कहा जाता है कि सिंधी शक्कर बेचता है तो शक्कर की बोरी पर जितना मुनाफा होता है उसी पर व्यापार कर लेता है. सिंधियों की खासियत है कि वे पुरुषार्थ करते है और कम मुनाफे पर भी व्यापार कर लेते है. आज इंदौर में हर कैटेगरी के व्यापार में कोई न कोई बड़ा सिंधी व्यापारी मिल जाएगा.

इंदौर का सिंधी मार्केट अपनी ‘बिजनेस फिलॉसफी’ के लिए जाना जाता है. चाहे कपड़े हों, इलेक्ट्रॉनिक्स या स्टेशनरी, सिंधी कॉलोनी और इससे सटे बाजारों में वैरायटी और दाम प्रदेश में दुर्लभ है. इंदौर के तत्कालीन प्रशासन ने उन्हें इस क्षेत्र में बसाया जो तब शहर का बाहरी हिस्सा था. लेकिन अपनी मेहनत से इन्होंने इस बंजर जमीन को इंदौर के सबसे महंगे और बिज़नेस हब में बदल दिया.

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इंदौर की सिंधी कॉलोनी! जहां है व्यापार और संस्कृति का अनोखा संगम



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