दतिया के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल उनाव बालाजी मंदिर में बुधवार से मकर संक्रांति पर्व का शुभारंभ हो गया। मकर संक्रांति और माघ माह स्नान के विशेष संयोग के चलते श्रद्धालुओं का सैलाब पहूज नदी और मंदिर परिसर में उमड़ पड़ा। भगवान भास्कर के चरण पखारती बह रही प
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हिंदू धर्म में मकर संक्रांति और माघ स्नान का विशेष महत्व माना जाता है। इसी आस्था के साथ श्रद्धालुओं ने नदी में डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया। किसी ने मकर संक्रांति के पर्व का लाभ लिया तो किसी ने माघ स्नान की शुरुआत की। पर्व को लेकर तारीख पर मतभेद भी देखने को मिले। जहां कुछ जानकार 15 जनवरी से मकर संक्रांति की शुरुआत मान रहे हैं, वहीं श्रद्धालुओं ने बुधवार को ही पर्वकाल मानते हुए पहूज नदी में स्नान कर दान-पुण्य किया।
पुण्यकाल में स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने खिचड़ी, पंचांग, काले तिल से बने मिष्ठान सहित अन्य सामग्री का दान किया। मंदिर परिसर और नदी तट पर दिनभर भक्ति और आस्था का माहौल बना रहा।
मंदिर में खिचड़ी का प्रसाद बांटा मकर संक्रांति के अवसर पर उनाव बालाजी मंदिर पर खिचड़ी के प्रसाद का वितरण किया गया। दतिया के बॉबी रावत द्वारा हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी स्टॉल लगाकर खिचड़ी का प्रसाद वितरित किया गया। इसके अलावा अग्रवाल बंधु झांसी, नगर निगम झांसी तथा रेलवे विभाग झांसी की ओर से भी खिचड़ी प्रसाद का वितरण किया गया। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सब्जी-पूड़ी के भंडारे भी जगह-जगह आयोजित किए गए, जिनमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
सुरक्षा के लिए घाट पर 40 पुलिसकर्मी तैनात सुरक्षा के कड़े इंतजाम श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए नदी और मंदिर परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। लगभग 40 पुलिस कर्मियों की टीम तैनात रही, जिसकी कमान उनाव थाना प्रभारी यतेंद्र सिंह भदौरिया ने संभाली। नदी में स्नान करने वालों की सुरक्षा के लिए निगरानी रखी गई और जाली भी लगवाई गई। मंदिर परिसर में बेरिकेडिंग कर श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुव्यवस्थित किया गया।
हालांकि पंचांग में मकर संक्रांति 14 जनवरी को घोषित है, लेकिन लोगों में इसे लेकर दो दिन तक पर्व मनाने की परंपरा दिखाई दे रही है। कुछ श्रद्धालु 14 जनवरी तो कुछ 15 जनवरी को मकर संक्रांति मनाएंगे। फिलहाल उनाव बालाजी धाम में मकर संक्रांति के साथ माघ माह के शुभ स्नान का सिलसिला श्रद्धा और उल्लास के साथ जारी है।
