Last Updated:
Sidhi News: मझौली थाना क्षेत्र के नेबुहा गांव स्थित बघेला रिसोर्ट के आसपास बाघिन टी-40 अपने तीन शावकों के साथ पिछले 13 दिनों से देखी जा रही है. जनवरी 2026 के आरंभ से बाघिन की उपस्थिति से इलाके में भय का माहौल है. रिसोर्ट के कर्मचारी और ग्रामीण दोनों ही डरे हुए है. रिसोर्ट संचालक संतोष सिंह ने वन विभाग को सूचित किया. जिसके बाद विभाग की टीम ने निगरानी शुरू कर दी है.
सीधी जिले के मझौली थाना क्षेत्र में वन्यजीवों की सक्रियता से ग्रामीणों में भय का वातावरण बना हुआ है. बघेला रिसोर्ट क्षेत्र में एक बाघिन अपने तीन शावकों के साथ लगातार घूम रही है, जबकि धनौली गांव में पिछले तीन महीनों से भालू की मौजूदगी से लोग दहशत में जी रहे है. मझौली थाना क्षेत्र के नेबुहा गांव स्थित बघेला रिसोर्ट के आसपास बाघिन टी-40 अपने तीन शावकों के साथ पिछले 13 दिनों से देखी जा रही है. जनवरी 2026 के आरंभ से बाघिन की उपस्थिति से इलाके में भय का माहौल है. रिसोर्ट के कर्मचारी और ग्रामीण दोनों ही डरे हुए है. रिसोर्ट संचालक संतोष सिंह ने वन विभाग को सूचित किया. जिसके बाद विभाग की टीम ने निगरानी शुरू कर दी है.
स्थानीय निवासी जगमोहन गोड ने लोकल 18 को बताया कि बाघिन ने एक गाय और एक भैंस का शिकार किया है. जिनके अवशेष घटनास्थल के पास मिले. इससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है. रिसोर्ट के पीछे का हिस्सा, पार्किंग क्षेत्र, स्विमिंग पूल के आसपास का इलाका और खुला पार्क एरिया शावकों की चहलकदमी का केंद्र बन गया है. 5 जनवरी की रात करीब 8:30 बजे तीनों शावकों को पार्किंग में खेलते देखा गया. जिससे कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई. इस स्थिति को देखते हुए पर्यटकों का आना बंद हो गया है और कर्मचारी भी शाम होते ही रिसोर्ट छोड़ देते है.
मझौली रेंज के रेंजर कैलास बामनिया ने लोकल 18 को जानकारी दी कि क्षेत्र में 24 घंटे निगरानी की जा रही है. चार सदस्यीय विशेष टीम और गश्ती वाहन तैनात है. अब हाथियों की मदद से बाघिन और उसके शावकों को सुरक्षित रूप से जंगल की ओर भगाने का प्रयास किया जा रहा है.
इसी बीच मझौली जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम धनौली में पिछले तीन महीनों से भालू के आतंक का सामना करना पड़ रहा है. गांव के पास की डेंगरही पहाड़ी में भालू ने डेरा डाल रखा है और लगभग हर रात बस्ती की ओर आ जाता है. ग्रामीणों के अनुसार मवेशियों और फसलों की रखवाली के लिए रात में बाहर जाना पड़ता है. लेकिन हर समय जान का खतरा रहता है. महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों में भय का माहौल है.
ग्रामीणों ने कई बार वन विभाग को जानकारी दी लेकिन अब तक भालू का रेस्क्यू नहीं हो सका है. स्थानीय निवासी संतोष साकेत ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है. सहायक परिक्षेत्र अधिकारी अजय प्रजापति ने लोकल 18 को बताया कि मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी जा रही है और संजय टाइगर रिजर्व से समन्वय कर शीघ्र रेस्क्यू का प्रयास किया जा रहा है.