मंडला जिले के कान्हा टाइगर रिजर्व के किसली वन परिक्षेत्र में एक मादा तेंदुए का शव मिला। प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि तेंदुए की मौत बाघ के साथ हुए संघर्ष के दौरान हुई है। साजानाला क्षेत्र में मिला शव यह मामला किसली वन परिक्षेत्र के साजानाला क्षेत्र का है। गुरुवार 15 जनवरी को कक्ष क्रमांक 696 (20), बीट डिगडोला में वनकर्मियों को मादा तेंदुए का शव दिखाई दिया। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी गई और तय नियमों के अनुसार कार्रवाई शुरू की गई। घटनास्थल पर मिले बाघ के निशान वन विभाग की टीम ने डॉग स्क्वाड की मदद से घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र की जांच की। मौके पर बाघ के पैरों के निशान, मल और तेंदुए को घसीटे जाने के निशान मिले हैं। इन संकेतों से यह स्पष्ट हुआ कि तेंदुए और बाघ के बीच संघर्ष हुआ था। पोस्टमॉर्टम में मिले संघर्ष के संकेत मादा तेंदुए का पोस्टमॉर्टम वन्यप्राणी चिकित्सकों की टीम ने किया। जांच में तेंदुए के शरीर के सभी अंग सुरक्षित पाए गए, लेकिन शरीर पर बाघ के दांतों के निशान और चेहरे के पास खून मिला। इससे यह माना जा रहा है कि तेंदुए की मौत बाघ के हमले से हुई। नियमानुसार किया अंतिम संस्कार वन विभाग के तय नियमों के अनुसार मौके पर ही तेंदुए का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान कान्हा टाइगर रिजर्व के अधिकारी, वनकर्मी, जनप्रतिनिधि और एनटीसीए के प्रतिनिधि मौजूद रहे। वन विभाग ने शुरू की कार्रवाई वन विभाग ने इस मामले में प्रकरण दर्ज कर लिया है और आगे की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह वन्य क्षेत्र का प्राकृतिक मामला प्रतीत हो रहा है, फिर भी सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
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