राम का नाम आते ही परेशान हो जाती है कांग्रेस: इंदौर में मंत्री विजयवर्गीय बोले- कांग्रेस गांधी परिवार से आगे नहीं सोच पाती – Indore News

राम का नाम आते ही परेशान हो जाती है कांग्रेस:  इंदौर में मंत्री विजयवर्गीय बोले- कांग्रेस गांधी परिवार से आगे नहीं सोच पाती – Indore News




विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी (वीबी जी राम जी) योजना के कांग्रेस के बढ़ते विरोध को देखते हुए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर में मीडिया से चर्चा की। उन्होंने कहा राम का नाम आते ही पता नहीं क्यों कांग्रेस परेशान हो जाती है। गांधी परिवार के नाम पर छह सौ से ज्यादा योजनाएं चल रही हैं, पर भाजपा ने कभी विरोध नहीं किया। कांग्रेस गांधी परिवार से आगे नहीं सोच पाती है, पता नहीं उन्हें राम के नाम से क्या समस्या है। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि गांधी परिवार के नाम पर 600 योजनाएं हैं, कई पुरस्कार है। जैसे राजीव गांधी खेल पुरस्कार, उनका खेल से कभी कोई लेना-देना नहीं रहा है। इंदिरा जी के समय पहले राष्ट्रीय रोजगार गारंटी आई, फिर नाम नेहरु रोजगार हो गया फिर नरेगा और इसके बाद इसका नाम मनरेगा कर दिया। यह समय के साथ होता है। नई योजना में समय काल के अनुसार अहम बदलाव किया गया है। इधर लोकसभा प्रतिपक्ष नेता राहुल गांधी 17 जनवरी को इंदौर आ रहे हैं। इस दौरान मनरेगा को लेकर भी कांग्रेसी उपवास रखने और दिन भर विरोध करने की बात कह रही है। मनरेगा को लेकर राहुल गांधी और कांग्रेसी 17 जनवरी को उपवास भी रखेंगे। इस पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने तंज कसा कि एक दिन देश का अन्न भी बचेगा। विजन 2047 के तहत बनाई योजना
मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि यह योजना विजन 2047 के तहत बनी है। इसमें एक शब्द रोजगार के साथ ही आजीविका शब्द जुड़ा है। इसमें व्यक्ति इसके लिए भी काम कर सकता है। मनरेगा पर अभी तक 11.74 लाख करोड़ खर्च किए हैं। सबसे ज्यादा खर्चा मोदी सरकार ने ही 8.53 करोड़ खर्च किया है। जबकि दस साल यूपीए की सरकार भी थी वह नहीं कर सकी। इसकी रिव्यू मीटिंग के बाद इसमें जो कमियां थी वह देखा गया और बदलाव किया गया है। शेष समय पर कलेक्टर को योजना को रोकने के अधिकार फसल काटने के दौरान कई बार मजदूर नहीं मिलते हैं। ऐसे में कलेक्टर को अधिकार दिए हैं कि राज्य सरकार किसी समय विशेष पर योजना को रोका जा सकता है ताकि मजदूर मिले। यह देश के हिसाब से कल्पना की गई है।



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