मासूम से रेप, हत्या के दोषी को फांसी की सजा: कोर्ट ने कहा- घटना निर्भया केस की याद दिलाती है, मामला रेयरेस्ट ऑफ रेयर – Shahdol News

मासूम से रेप, हत्या के दोषी को फांसी की सजा:  कोर्ट ने कहा- घटना निर्भया केस की याद दिलाती है, मामला रेयरेस्ट ऑफ रेयर – Shahdol News




शहडोल जिले की विशेष पॉक्सो कोर्ट ने मानवता को शर्मसार करने वाले एक मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। बुढ़ार विशेष न्यायालय ने तीन साल की मासूम बच्ची के साथ रेप और उसकी हत्या के मुख्य आरोपी भानू उर्फ रामनारायण ढीमर को दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई है। आरोपी की पत्नी और उसके दोस्त को भी चार-चार साल के कारावास की सजा सुनाई है। जज सुशील कुमार अग्रवाल ने गुरुवार को अपनी टिप्पणी में इस केस की तुलना निर्भया केस से करते हुए इसे “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” केस बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधियों को समाज में रहने का कोई अधिकार नहीं है। शादी में गई थी मां, मासूम के साथ की हैवानियत
घटना खैरहा थाना क्षेत्र में हुई थी, जहां एक तीन वर्षीय बच्ची के साथ रेप कर उसकी हत्या कर दी गई थी। एक मार्च 2023 की रात पीड़िता की मां मोहल्ले में आयोजित शादी समारोह में गई थी और अपनी तीन साल की बेटी शिवांगनी को घर में बिस्तर पर सुलाकर गई थी। घर में उस समय उसके पति का दोस्त आरोपी भानू उर्फ रामनारायण ढीमर मौजूद था। इसके बाद रात करीब 11 बजे जब मां वापस लौटी, तो उसकी बेटी जमीन पर गिरी हुई बेहोश हालत में मिली। मासूम के चेहरे, गाल और गले पर चोट के गहरे निशान थे। जान से मारने की धमकी दी
इसके बाद मां ने जब आरोपी से इसके बारे में पूछा तो वह शराब के नशे में था। उसने कहा कि बच्ची रो रही थी, इसलिए उसने थप्पड़ मार दिए। जब महिला ने पुलिस में रिपोर्ट करने की बात कही तो आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता की मां ने बयान में बताया- आरोपी ने डराते हुए कहा कि पुलिस को बताना कि बच्ची बिस्तर से गिर गई है, नहीं तो पूरे परिवार को खत्म कर देगा। इसके डर से ही महिला ने शुरुआती बयान में सच्चाई नहीं बताई। इलाज के दौरान हुई मौत
बच्ची की हालत बिगड़ने पर उसे पहले बुढार अस्पताल और फिर मेडिकल कॉलेज शहडोल रेफर किया गया। इस दौरान बच्ची की हालत बेहद गंभीर थी और उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था। इलाज के दौरान 7 मार्च 2023 को मासूम की मौत हो गई। इसके बाद पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और मेडिकल जांच में सामने आया कि बच्ची के साथ रेप किया गया था। इसके बाद पुलिस ने हत्या, रेप और पॉक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ाईं। जांच के दौरान डीएनए परीक्षण कराया गया, जिससे आरोपी की हैवानियत की पुष्टि हुई। इसके बाद कोर्ट में केस की सुनवाई हुई। फॉरेंसिक एक्सपर्ट का बयान से खुलासा
इस पूरे मामले में सबसे अहम गवाह मेडिकल कॉलेज के फॉरेंसिक एक्सपर्ट प्रोफेसर पवन वानखेड़े रहे। उन्होंने बताया कि मासूम की मौत के बाद जब पोस्टमॉर्टम हुआ, तो रेप का सच सामने आया। प्रोफेसर वानखेड़े ने स्पष्ट किया कि मासूम के जननांग में पुरुष के लिंग से चोट पहुंची है। दूसरे पक्ष के वकील ने दलील दी कि किसी अन्य वस्तु या अंग से भी चोट पहुंच सकती है, लेकिन प्रोफेसर ने साक्ष्यों और तर्कों के साथ यह साबित किया कि मासूम के साथ रेप हुआ है। उनके इस बयान को कोर्ट ने गंभीरता से लिया और इसी आधार पर मुख्य आरोपी को पॉक्सो एक्ट के तहत मौत की सजा सुनाई। जज बोले- “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” केस
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मजबूत साक्ष्य और गवाह पेश किए। इसके बाद जज सुशील कुमार अग्रवाल ने आरोपी रामनारायण ढीमर को फांसी की सजा सुनाते हुए कहा- 3 साल की मासूम के साथ हुई घटना निर्भया केस की याद दिलाती है। यह मामला “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” श्रेणी में आता है। जब मासूम के साथ रेप किया जा रहा था तो उसका दर्द अकल्पनीय रहा होगा। उसके जननांग ठीक से विकसित भी नहीं हुए थे। सुप्रीम कोर्ट भी कहता है…ऐसे मामलों के अपराधियों को इस समाज में जीने का कोई अधिकार नहीं है। पत्नी और दोस्त को भी चार-चार साल की सजा
इसके बाद गुरुवार को विशेष पॉक्सो कोर्ट ने मुख्य आरोपी भानू उर्फ रामनारायण ढीमर को धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास, धारा 201 भादवि में तीन साल का सश्रम कारावास और पॉक्सो एक्ट की धारा 5 (एम)/6 के तहत फांसी की सजा सुनाई। वहीं घटना के दौरान मौके पर मौजूद आरोपी राजकुमार ढीमर और आरोपी की पत्नी पिंकी ढीमर को केस को छिपाने के लिए दोषी पाते हुए चार-चार साल के सश्रम कारावास की सजा दी गई।



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