देवास जिले के खातेगांव में 12 जनवरी को मिले 15 वर्षीय किशोरी के जले हुए शव के मामले में पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस संबंध में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि किशोरी की पहले गला घोंटकर हत्या की गई, बाद में शव पर डीजल डालकर आग लगाई गई ताकि इसे आत्महत्या का रूप दिया जा सके। 12 जनवरी को डायल-112 पर ऊषा एवेन्यू कॉलोनी के मेन गेट के पास एक किशोरी का जला हुआ शव मिलने की सूचना मिली थी। थाना प्रभारी विक्रांत झांझोट पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। मृतक की पहचान उसके छोटे भाई ने अपनी बड़ी बहन के रूप में की। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि किशोरी की पहले हत्या की गई और फिर शव को जलाया गया। इसके बाद खातेगांव थाने में हत्या का मामला दर्ज कर एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने कान्हा उर्फ कन्हैया डाबर (23), निवासी नंदलालपुरा, मांडू (जिला धार) को हिरासत में लिया। पूछताछ में कान्हा ने अपनी भाभी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रचने की बात कबूल की। इसके बाद महिला आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। देवर-भाभी को देख लिया था आपत्तिजनक हालत पुलिस के अनुसार, घटना वाले दिन खातेगांव में हाट-बाजार लगा था, जिससे अधिकांश मजदूर बाजार में थे। इसी दौरान आरोपी कान्हा अपनी भाभी के साथ उसके टप्पर में आपत्तिजनक स्थिति में था। किशोरी ने उन्हें इस हालत में देख लिया। कान्हा ने उसे यह बात किसी को न बताने की धमकी दी। हालांकि, किशोरी के न मानने पर कुछ समय बाद जब वह टप्पर में अकेली थी, आरोपी ने उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। घटना को अंजाम देने के बाद चल गए बाजार हत्या के बाद, दोनों आरोपियों ने शव को टप्पर से बाहर निकाला और कॉलोनी के गेट के पास ले गए। उन्होंने शव पर डीजल डालकर आग लगा दी, ताकि यह आत्महत्या का मामला लगे। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी सामान्य व्यवहार करते हुए बाजार चले गए। देवास पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सौम्या जैन और एसडीओपी आदित्य तिवारी के मार्गदर्शन में गठित विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई कर मामले का खुलासा किया। इस सफलता में थाना प्रभारी विक्रांत झांझोट सहित पुलिस टीम के कई अधिकारियों और जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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