रीवा के अमहिया थाना क्षेत्र में थाना से कुछ ही दूरी पर एक नवजात शिशु लावारिस हालत में सड़क किनारे पड़ा मिला। बच्चा कपड़ों में लिपटा हुआ था और लगातार रो रहा था। जिस जगह नवजात को छोड़ा गया वह इलाका खुला है, जहां आवारा कुत्तों और वाहनों का खतरा बना रहता है। यदि समय रहते बच्चे पर किसी की नजर न पड़ती, तो अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता था। थाना प्रभारी शिवा अग्रवाल ने बताया कि रोने की आवाज सुनकर मौके पर पहुंची पुलिस ने नवजात को बरामद किया और उसे सुरक्षित एसजीएमएच के बच्चा वार्ड में भर्ती कराया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार बच्चे की स्थिति फिलहाल सामान्य है और डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार जारी है। इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर किसने और किस मजबूरी में एक नवजात को सड़क किनारे छोड़ दिया। क्या मामला सामाजिक डर, बदनामी या अवैध प्रसव से जुड़ा है? नवजात को जिस स्थान पर छोड़ा गया, वह थाना क्षेत्र के भीतर आता है, ऐसे में रात्रि निगरानी और सामाजिक सतर्कता पर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल अमहिया पुलिस मामले की जांच में जुटी है। आसपास के इलाकों से जानकारी जुटाई जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बच्चे को कब और किसने वहां छोड़ा।नवजात की जान तो बच गई, लेकिन यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि समाज में आज भी कुछ लोग मासूम जिंदगियों को किस हद तक असहाय छोड़ने को तैयार हैं।
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