आगर मालवा: सुसनेर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कथित अव्यवस्था और एक युवक की मौत के मामले ने शनिवार को तूल पकड़ लिया। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिलाधीश के नाम तहसील कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार चिकित्सक और सुसनेर एसडीओपी देवनारायण यादव पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि शुक्रवार को सुसनेर के इतवारिया बाजार निवासी 20 वर्षीय गोपाल प्रजापत ने अज्ञात कारणों से अपने घर में फांसी लगा ली थी। उसे गंभीर हालत में सिविल हॉस्पिटल सुसनेर लाया गया, जहाँ तत्काल ऑक्सीजन की आवश्यकता थी। आरोप है कि अस्पताल में उपलब्ध दोनों ऑक्सीजन सिलेंडरों में गैस नहीं थी। युवक की नाजुक हालत को देखते हुए उसे आगर रेफर किया गया, लेकिन एम्बुलेंस में भी ऑक्सीजन सिलेंडर खाली होने का आरोप लगाया गया है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का दावा है कि इन्हीं अव्यवस्थाओं के कारण युवक की जान चली गई। इस घटना के विरोध में शनिवार को सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की। प्रदर्शन के दौरान सुसनेर एसडीओपी पर प्रदर्शनकारियों से अभद्र भाषा का प्रयोग करने और उन पर दबाव बनाने का आरोप लगाया गया। ज्ञापन में यह भी दावा किया गया है कि एसडीओपी ने कथित तौर पर ‘मरने वाला मर गया, हम क्या करें’ जैसे शब्द कहे, जिससे लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। ज्ञापन में एसडीओपी यादव पर यह भी आरोप लगाया गया है कि वे तीन वर्ष से अधिक समय से सुसनेर में पदस्थ हैं। उनके कार्यकाल में अवैध गतिविधियों और नशे का कारोबार बढ़ा है, जबकि पुलिस की कार्रवाई नगण्य रही है। सामाजिक कार्यकर्ताओं के अनुसार, आमजन और जनप्रतिनिधियों को लगातार दबाने का प्रयास किया जा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन के माध्यम से मृतक गोपाल प्रजापत के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, उचित मुआवजा और स्वास्थ्य केंद्र के जिम्मेदार चिकित्सक तथा एसडीओपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो सुसनेर नगर सहित पूरे क्षेत्र में उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस पूरे मामले पर प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।
Source link