पन्ना जिले के अजयगढ़ में रियासत काल से चली आ रही मकर संक्रांति मेले की परंपरा इस बार विवादों और अव्यवस्थाओं के साये में है। मेले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण न केवल मारपीट की घटनाएं सामने आ रही हैं, बल्कि बुनियादी सुविधाओं के अभाव ने स्थानीय लोगों और व्यापारियों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। मेले की सुरक्षा व्यवस्था उस समय सवालों के घेरे में आ गई जब झूलों के पास दो पक्षों के बीच संघर्ष देखने को मिला। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में झूले के कर्मचारी और स्थानीय लोग आपस में भिड़ते नजर आ रहे हैं। विवाद इतना बढ़ा कि जमकर लात-घूंसे और डंडे चले। हालांकि मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को संभाला, लेकिन विवाद की असल वजह पैसे का लेन-देन है या जगह का विवाद यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। मेले के आयोजन के लिए इस बार बड़ी फील्ड का चयन तो किया गया, लेकिन वहां की धूल ने दुकानदारों और दर्शनार्थियों को परेशान कर दिया है। व्यापारियों का कहना है कि उड़ती धूल के कारण उनका सामान खराब हो रहा है और सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है। लोगों का आरोप है कि नगर परिषद को कई बार पानी के छिड़काव के लिए कहा गया, लेकिन अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। इतने बड़े आयोजन में, जहां लाखों की भीड़ जुटती है, वहां वरिष्ठ अधिकारियों की अनुपस्थिति और कम पुलिस बल ने प्रशासन की गंभीरता पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। अजयगढ़ का मेला केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि इस क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत है। यदि प्रशासन ने समय रहते सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर ध्यान नहीं दिया, तो यह ऐतिहासिक गौरव धूल और विवादों की भेंट चढ़ जाएगा।
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