इस खूबसूरत फूल की खुशबू से भागेगा स्ट्रेस! अनिद्रा में राहत, चोट में भी रामबाण

इस खूबसूरत फूल की खुशबू से भागेगा स्ट्रेस! अनिद्रा में राहत, चोट में भी रामबाण


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Sidhi News: चमेली के तेल का एंटीसेप्टिक के रूप में भी उपयोग किया जाता है. रूई को चमेली के तेल में भिगोकर घाव पर लगाने से दर्द में राहत मिलती है और जख्म जल्दी भरने लगता है.

सीधी. चमेली का पौधा मनमोहक खुशबू के लिए जाना जाता है लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि यह एक प्रभावशाली जड़ी-बूटी भी है. आयुर्वेद में चमेली को औषधीय गुणों से भरपूर माना गया है. मध्य प्रदेश के सीधी के आयुर्वेद चिकित्साधिकारी डॉ विपिन सिंह ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि चमेली की खुशबू न केवल मन को प्रसन्न करती है बल्कि दिमाग को भी शक्तिशाली बनाती है और मानसिक तनाव को कम करने में मदद करती है. यही कारण है कि चमेली के फूलों का उपयोग कई आयुर्वेदिक दवाइयों के निर्माण में किया जाता है. डॉ सिंह बताते हैं कि चमेली के फूलों और तेल का उपयोग मानसिक तनाव को दूर करने के लिए बेहद कारगर है. इसकी खुशबू तंत्रिका तंत्र को शांत करती है और मन को गहरी शांति प्रदान करती है. चमेली में मौजूद प्राकृतिक रसायन तनावग्रस्त नसों को आराम देते हैं, जिससे चिंता और बेचैनी कम होती है. नियमित रूप से इसके तेल या खुशबू का उपयोग करने से अनिद्रा की समस्या दूर होती है और नींद की गुणवत्ता में सुधार होता है.

उन्होंने आगे बताया कि चमेली के तेल को एंटीसेप्टिक के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है. यदि किसी प्रकार की चोट या घाव हो जाए, तो रूई को चमेली के तेल में भिगोकर प्रभावित स्थान पर लगाने से दर्द में राहत मिलती है और घाव जल्दी भरने लगता है. यह तेल त्वचा के लिए भी लाभकारी माना जाता है और संक्रमण से बचाव करता है.

मुंह के छालों से मिलेगी राहत
डॉ सिंह के अनुसार, मुंह के छालों की समस्या से परेशान लोगों के लिए भी चमेली लाभदायक है. चमेली की ताजी पत्तियों को अच्छी तरह धोकर धीरे-धीरे चबाने से मुंह के छाले जल्दी ठीक हो जाते हैं. पत्तियों से निकलने वाला रस छालों पर प्रभावी ढंग से काम करता है और जलन को कम करता है. पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में भी चमेली की अहम भूमिका है. इसमें भरपूर मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए अत्यंत आवश्यक हैं. ये एंटी-ऑक्सीडेंट्स आंतों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाते हैं और गैस, अपच जैसी समस्याओं से राहत दिलाते हैं. साथ ही यह गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल एंजाइमों की क्रिया को भी संतुलित करता है.

मानसिक समस्याओं में लाभकारी
डिप्रेशन और चिंता जैसी मानसिक समस्याओं में भी चमेली का उपयोग फायदेमंद माना गया है. इसकी खुशबू मूड को बेहतर बनाती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है, अरोमा थेरेपी में चमेली के तेल का प्रयोग ब्लड सर्कुलेशन को सुधारने, सांस संबंधी परेशानियों को कम करने और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है. इस तरह चमेली न केवल सौंदर्य और खुशबू का प्रतीक है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी एक प्राकृतिक वरदान है.

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Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



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