जबलपुर जिले के बरेला थाना क्षेत्र में रविवार को हुए हिट एंड रन हादसे में मंडला जिले की पांच महिला मजदूरों की मौत हो गई। सोमवार रात उनके पैतृक गांव बम्होरी (विकासखंड बीजाडांडी) में आदिवासी रीति-रिवाजों के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मृतकों और घायलों के लिए सहायता राशि की घोषणा की है। हादसे की सूचना मिलते ही बम्होरी गांव में शोक छा गया था। सोमवार को जब पांचों महिलाओं के शव गांव पहुंचे, तो हर आंख नम हो गई। परिजनों ने भारी मन से आदिवासी परंपरा के अनुसार उन्हें अंतिम विदाई दी। कार्रवाई के आश्वासन पर माने इस दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए गांव में भारी पुलिस बल तैनात रहा। इससे पहले, हादसे से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने न्याय की मांग को लेकर दिनभर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि आरोपी वाहन चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए। काफी देर तक चले हंगामे के बाद प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और आवश्यक कार्रवाई और सहायता का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन समाप्त किया। अब भी कई नाजुक हालत में इस दुर्घटना में 11 अन्य मजदूर घायल हुए हैं, जिनका जबलपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, इनमें से कई की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है और वे जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सीएम ने की आर्थिक मदद की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार रात सोशल मीडिया के माध्यम से घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिजनों को ₹4-4 लाख, गंभीर घायलों को ₹1-1 लाख और साधारण घायलों को ₹50-50 हजार की सहायता राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। साथ ही, कार्य एजेंसी को निर्देश दिए गए हैं कि मृतकों के परिजनों को ₹6-6 लाख, गंभीर घायलों को ₹1-1 लाख एवं साधारण घायलों को ₹50-50 हजार की सहायता राशि प्रदान की जाए।
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