ठंड में सुस्ती को कहें बाय-बाय! बाघेलखंड का ये देसी विंटर फॉर्मूला अपनाएं, हर समय रहेंगे सुपर एक्टिव

ठंड में सुस्ती को कहें बाय-बाय! बाघेलखंड का ये देसी विंटर फॉर्मूला अपनाएं, हर समय रहेंगे सुपर एक्टिव


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Winter Morning Habits: बदलती लाइफस्टाइल और बढ़ती बीमारियों के बीच बाघेलखंड की यह सर्दियों वाली हेल्दी दिनचर्या फिर लोगों का ध्यान खींच रही है. योगगुरु महेश आचार्य बताते हैं कि यह देसी रूटीन बिना महंगी दवाओं के इम्युनिटी बढ़ाने, शरीर को अंदर से गर्म रखने और मौसमी बीमारियों से बचाने में मदद करता है.

पुराने समय में बाघेलखंड के लोग सर्द मौसम को बीमारी नहीं, बल्कि शरीर को मजबूत बनाने का अवसर मानते थे. उनकी सुबह की दिनचर्या ऐसी होती थी जो ठंड में भी शरीर को सक्रिय, ऊर्जावान और निरोगी बनाए रखे. आज भी कई बुजुर्ग और फिट लोग इस पारंपरिक लाइफस्टाइल को अपनाते हैं.

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तेजी से बदलती जीवनशैली और बढ़ती बीमारियों के बीच बाघेलखंड की यह सर्दियों वाली दिनचर्या फिर चर्चा में है. लोकल 18 से बातचीत में योगगुरु महेश आचार्य ने कहा कि बिना महंगी दवाओं के यह देसी रूटीन इम्युनिटी बढ़ाने और शरीर को अंदर से गर्म रखने में मदद करता है.

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ठंड के दिनों में बाघेलखंड में सुबह उठते ही गुनगुना पानी पीने की परंपरा सी रही है. वहीं आज कई लोग इसमें नींबू या शहद मिला के भी पीते हैं जिससे शरीर हाइड्रेट रहता है, पाचन तंत्र सक्रिय होता है और ठंड में शरीर को अंदर से प्राकृतिक गर्माहट मिलती है.

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ठंड के मौसम में बादाम, अखरोट और किशमिश जैसे मेवे खाना बेहद लाभकारी हो सकता है. ये मेवे शरीर को जरूरी ऊर्जा देते हैं और ठंड से लड़ने की ताकत बढ़ाते हैं. पुराने लोग मानते थे कि इससे कमजोरी और सर्दी-जुकाम दूर रहते हैं.

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हल्की स्ट्रेचिंग, सूर्य नमस्कार और अनुलोम-विलोम जैसे योग अभ्यास तब से ले कर आज तक सर्दियों की सुबह का अहम हिस्सा है. इससे शरीर में रक्त संचार बेहतर होता था और प्राकृतिक रूप से गर्मी पैदा होती है जिससे दिनभर सुस्ती महसूस नहीं होती है.

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दलिया, ओट्स, मूंग दाल का चीला या घी लगी रोटी जैसे गर्म नाश्ते सर्दियों में खास माने जाते थे. ये नाश्ते पेट को लंबे समय तक भरा रखते हैं और शरीर को ऊर्जा देते हैं जिससे ठंड का असर कम पड़ता है.

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इस क्षेत्र में अदरक और हल्दी की चाय या काढ़ा सर्दियों की पहचान रही है. यह चाय शरीर को गर्म रखने के साथ-साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है और सर्दी, खांसी जैसी मौसमी बीमारियों से बचाव करती है .

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हेल्थ लवर्स की यह पारंपरिक सुबह की दिनचर्या, साबित करती है कि स्वस्थ रहने के लिए आधुनिक तरीकों से ज्यादा जरूरी देसी समझ है. अगर इन आदतों को आज के जीवन में शामिल किया जाए तो ठंड में भी फिट और एक्टिव रहना आसान हो सकता है.

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