नीमच जिले के जीरन थाना क्षेत्र के चीताखेड़ा गांव में बुधवार को लूट वारदात हुई। बाइक सवार तीन बदमाशों ने एक ग्रामीण डॉक्टर के घर को निशाना बनाया और उनकी पत्नी को बंधक बनाकर सोने-चांदी के जेवर और नकदी लूट ली। जानकारी के मुताबिक, डॉ. कन्हैयालाल परमार किसी काम से बाहर गए थे और परिवार के अन्य सदस्य एक गमी (शोक कार्यक्रम) में शामिल होने महुड़िया गए थे। घर पर उनकी पत्नी चंदा बाई अकेली थीं। इसी दौरान दो युवक और एक घूंघट वाली महिला इलाज कराने के बहाने घर पहुंचे। प्यास लगने का नाटक कर उन्होंने पानी मांगा और जैसे ही चंदा बाई अंदर गईं, तीनों बदमाश पीछे से घर में घुस गए। बदमाशों ने महिला की कनपटी पर रिवॉल्वर तान दी और शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी दी। गहने और नकदी लेकर हुए फरार बदमाशों ने घर की अलमारी खंगालकर करीब 1 किलो चांदी के जेवर (पायजेब और कंदोरा), 2 तोला सोना और 4 हजार रुपए नकद लूट लिए। जाते समय बदमाशों ने महिला को डराया कि अगर पुलिस को बताया तो उनके पति और बेटे को मार दिया जाएगा। पुलिस की निष्क्रियता पर ग्रामीणों का गुस्सा इस घटना के बाद से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि पुलिस और स्थानीय चौकी की ढिलाई की वजह से अपराधियों के हौसले बढ़ रहे हैं। ग्रामीणों ने याद दिलाया कि ठीक तीन महीने पहले 23 अक्टूबर को भी गांव में कन्हैयालाल माली के घर दिनदहाड़े चोरी हुई थी, जिसका सुराग पुलिस आज तक नहीं लगा पाई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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