दतिया20 घंटे पहले
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- 15 अक्टूबर तक चलेंगे पंजीयन, अब तक लगभग दो हजार किसानों ने कराए
- भाजयुमाे नेता की जमीन पर भी दलाल ने कराया पंजीयन
समर्थन मूल्य खरीद केंद्रों पर खरीफ फसल बिक्री की तारीख भले ही अभी घोषित नहीं हुई हो, लेकिन समर्थन मूल्य पर पंजीयन कराने के लिए दलाल जरूर सक्रिय हो गए हैं। किसानों की जमीन का खसरा खतौनी निकालकर दलाल अपने नाम से पंजीयन करा रहे हैं। पंजीयन कराने के लिए पहुंच रहे किसान उस समय परेशान हो जाते हैं, जब उन्हें बताया जाता है कि उनकी जमीन का पंजीयन किसी दूसरे के नाम हो चुका
केंद्र सरकार ने खरीफ फसलों का समर्थन मूल्य घोषित कर दिया है। इसमें धान सामान्य 1868, धान ग्रेड ए 1888, ज्वार 2620, बाजरा 2150, उड़द का समर्थन मूल्य 6 हजार रुपए घोषित किया है। शासन ने खरीफ सीजन में समर्थन मूल्य पर पंजीयन 15 सितंबर से प्रारंभ कर 30 सितंबर तक निर्धारित किए थे लेकिन अब पंजीयन की तिथि बढ़ाकर 15 अक्टूबर कर दी है। जिले में अब तक लगभग दो हजार किसानों ने ही पंजीयन कराए हैं।
किसान पंजीयन कराने पहुंचे तो बताया कि आपकी जमीन का तो पंजीयन हो चुका
शहर के वार्ड 31 में रहने वाले रामबाबू पुत्र पंचे साहू ने अपनी परिवार आईडी के जरिए 30 किसानों की जमीन का पंजीयन करा डाला। रामबाबू ने छिकाऊ निवासी इंद्रपाल सिंह, रामकृष्ण सिंह, बालकृष्ण सिंह, अरुणा, राघवेंद्र, आशीष सिंह की जमीन पर अपने नाम से बाजरा का पंजीयन कराया।
कुम्हैड़ी निवासी विकल, विनोद कुमार ब्राह्मण, ररुआराय निवासी नरेंद्र सिंह, राधेश्याम, सीतेश का बाजरा, कुम्हैडी निवासी किशोरीलाल का धान, ररुआराय के नरेंद्र सिंह, राधेश्याम, सीतेश, दुर्ग सिंह, कैलाशी देवी की ज्वार, इंदर पाल सिंह की बाजरा, लवकेश ब्राह्मण की धान पर अपना पंजीयन कराया।
इतने किसानाें पर पंजीयन उस व्यक्ति ने कराया है जाे गांव में रहता भी नहीं है। पंजीयन 24 सितंबर को कराए गए। सोमवार को जब ये किसान ज्वार, धान और बाजरा की फसल का पंजीयन कराने पहुंचे तब उन्हें पता चला कि उनकी जमीन का पंजीयन तो रामबाबू साहू नामक व्यक्ति ने करा लिया।
ग्राम छिकाऊ निवासी भाजयुमो पूर्व जिला महामंत्री आशीष गुर्जर सोमवार को अपनी फसल ज्वार और बाजरा का पंजीयन कराने के लिए ऑनलाइन सेंटर पर पहुंचे तो उनकी जमीन का पंजीयन पहले ही हो चुका था। उन्होंने मंगलवार को अपने व आसपास के गांव के पंजीयन एक ही व्यक्ति रामबाबू साहू के नाम किए जाने पर कलेक्टर कार्यालय में आवेदन देकर शिकायत की।
दो मामलों के एफआईआर के आदेश दिए हैं, और शिकायतें आती हैं ताे जांच कराएंगे
किसानों के नाम से फर्जी पंजीयन कराने की शिकायतें मिल रही हैं। कटीली निवासी धर्मेन्द्र व इसी गांव के अमित पुत्र हरिराम अहिरवार ने अन्य किसानों की जमीन के पंजीयन अपने नाम करा लिए थे। इनके खिलाफ एफआईआर के निर्देश दिए हैं। यदि और भी ऐसी शिकायतें आती हैं और जांच में पाया जाता है कि किसी ने फर्जी पंजीयन कराया है तो उसके खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी।
शिवांगी जोशी, प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी दतिया
मंडी में सस्ती खरीदकर समर्थन मूल्य पर महंगी बेचते हैं…
खरीफ और रबी सीजन में जब भी समर्थन मूल्य खरीदी के पंजीयन शुरू होते हैं ताे व्यापारी और दलाल सक्रिय हो जाते हैं। पिछले साल दलालों ने कांग्रेस नेता के बेटे के नाम की जमीन का तक पंजीयन करा लिया था। इसका मुख्य कारण यह है कि थोक मंडियों में फसलों के दाम काफी कम रहते हैं। जबकि समर्थन मूल्य पर उपज महंगी बिकती है। थोक मंडी में वे किसान उपज बेचते हैं,जाे पंजीयन नहीं करा पाते हैं।
थाेक मंडी से सस्ते में खरीदते हैं और समर्थन पर बेच देते हैं। इस साल भी दलालों ने पंजीयन शुरू कर दिए हैं। पंजीयन तारीख 15 अक्टूबर है इसलिए किसान धीरे-धीरे करके पंजीयन करा रहे हैं। आगे और भी ऐसे किसान सामने आ सकते हैं, जिनके पंजीयन पहले ही हो चुके होंगे।