ये खबर जिला प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों को चेतावनी देने वाली है। बड़वानी जिला मुख्यालय और ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात नियमों की अनदेखी के साथ हर दिन हजारों लोगों की जान जोखिम में डाली जा रही है।
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निजी वाहन संचालक अपने कबाड़ हो चुके वाहनों में सवारियां ढो रहे हैं। पांच से सात सीटर वाहन में पच्चीस से तीस सवारियां जानवरों से भी बदतर स्थिति में ठूंसी जा रही हैं। गेट पर सवारियां लटकाने के साथ वाहन के ऊपर भी सवारियां बिठाई जा रही हैं। परिवहन और यातायात विभाग की कथित अनदेखी के कारण यह स्थिति बनी हुई है।
शहर से आंचलिक मार्गों पर चलने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और पिकअप वाहनों का उपयोग यात्रियों को ले जाने के लिए किया जा रहा है। ये वाहन अक्सर पलायन करने वाले मजदूरों और अन्य सवारियों से ठूंस-ठूंस कर भरे होते हैं। सड़कों पर झूलते हुए यात्री इन वाहनों में कभी भी हादसे का शिकार हो सकते हैं।
जिले में ऐसे सैंकड़ों वाहन चल रहे हैं। जिनके पास केवल माल ढोने का परमिट है। इन वाहनों से आए दिन हादसे होते रहते हैं, लेकिन इसके बावजूद रोकथाम के लिए कोई प्रभावी उपाय नहीं किए जा रहे हैं।

इन दिनों सिलावद और पाटी से बड़वानी जिला मुख्यालय या आसपास के खेतों में मजदूरी के लिए आने-जाने वाले ग्रामीणजन भी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और पिकअप वाहनों का धड़ल्ले से उपयोग कर रहे हैं। इन वाहनों में इतनी अधिक सवारियां बिठाई जाती हैं कि लोग पिकअप की छत पर और आगे-पीछे लटककर यात्रा करते हैं। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भी यात्री बाहर की ओर पैर लटकाकर सफर करते हैं, जिससे हादसों का खतरा बढ़ जाता है, खासकर वाहन क्रॉसिंग के दौरान।

आम नागरिक अशरफ मंसूरी ने बताया कि फिटनेस और परमिट के अनुसार, ट्रैक्टर-ट्रॉलियां केवल कृषि कार्यों के लिए होती हैं, और पिकअप वाहनों के पास भी यात्री परिवहन का परमिट नहीं होता है। इसके बावजूद इनमें यात्रियों को ढोया जा रहा है, जिससे यात्री वाहन संचालकों को नुकसान हो रहा है और शासन को भी राजस्व की हानि हो रही है। यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में है।

यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले ऐसे वाहन बड़वानी में यातायात कार्यालय, पुलिस थाना और अंचल में सिलावद, पाटी, बोकराटा, बिजासन स्थित पुलिस थानों और चौकियों के सामने से प्रतिदिन गुजरते हैं। इसके बावजूद पुलिस और जिम्मेदार अधिकारी इस दिशा में कार्रवाई करने से बचते नजर आते हैं।
इस संबंध में हमने परिवहन विभाग के अधिकारी राकेश भूरिया से बात की तो उन्होंने बताया कि समय समय पर हमारे द्वारा कार्रवाई की जाती है। अभी समय नहीं है हमारे पास हम संकल्प से समाधान के शिविरों में लगे हुए हैं। किसी की शिकायत आएगी तो कार्रवाई की जाएंगी।
जिम्मेदार बोले समय समय पर हमारे द्वारा कार्रवाई की जाती है। अभी समय नहीं है हमारे पास हम संकल्प से समाधान के शिविरों में लगे हुए हैं। किसी की शिकायत आएगी तो कार्रवाई की जाएंगी।
राकेश भूरिया- परिवहन अधिकारी