Shahdol News: कोरोना के दिए तमाम जख्म कहीं न कहीं अब भी हरे हैं. ताजा मामला शहडोल से सामने आ रहा है. बात मई 2020 की है, जब लॉकडाउन के दौरान औरंगाबाद से घर लौटते समय रेलवे ट्रैक पर आराम कर रहे मध्य प्रदेश के 16 मजदूर एक मालगाड़ी की चपेट में आ गए थे. इस दुखद घटना में अपने दो बेटों को खोने वाले शहडोल में रहने वाले बुजुर्ग के आरोपों ने सनसनी फैला दी है.
कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई के दौरान बुजुर्ग ने आरोप लगाया है कि एक सरकारी बैंक ने मुआवजे की रकम का एक हिस्सा हड़प लिया है. अटोली गांव निवासी गजराज सिंह (54) ने कलेक्टर को शिकायती पत्र सौंपा. कहा, एक सरकारी बैंक के अधिकारियों ने मई 2020 में औरंगाबाद रेल दुर्घटना में उनके दो बेटों की मौत के बाद उनके खाते में जमा मुआवजे और आवास सहायता का एक हिस्सा निकाल लिया.
20 लाख निकाले तो बाकी कहां गए?
TOI के अनुसार, गजराज सिंह ने कहा, “मेरे दो बेटे और दो बेटियां थीं. मैं अपने बड़े बेटे की शादी की तैयारी कर रहा था, जो उस समय 22 साल का था, जब इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में मेरे दोनों बेटों की जान चली गई.” उन्हें अपने बेटों की मौत के मुआवजे के तौर पर प्रत्येक को 12 लाख रुपये, कुल 24 लाख रुपये और पीएम आवास योजना के तहत अतिरिक्त 1.05 लाख रुपये मिले थे. “कुल मिलाकर, मैंने लगभग 19-20 लाख रुपये निकाले. लेकिन, अब बैंक अधिकारी कहते हैं कि मेरे खाते में कोई पैसा नहीं बचा है.”
गुमराह कर रहे बैंक अफसर
सिंह ने दावा किया कि बैंक अधिकारियों ने पहले उन्हें बताया कि उनके खाते में 6 लाख रुपये हैं. बाद में कहा कि बैलेंस 95,000 रुपये है, जिसमें से उन्होंने 20,000 रुपये निकाले, और बाद में उन्हें बताया कि कोई पैसा नहीं बचा है. “मैं पढ़ा-लिखा नहीं हूं. मुझे बैंकिंग प्रक्रियाओं की समझ नहीं है, इसलिए मैंने जिला कलेक्टर से संपर्क किया.”
बार-बार टाल रहे बात
बुजुर्ग ने पत्र में आरोप लगाया कि बैंक अधिकारियों ने उनके अकाउंट में ‘टेक्निकल दिक्कत’ ठीक करने के बहाने उनका आधार कार्ड और मोबाइल फोन लेकर 1.05 लाख रुपये निकाल लिए. यह भी आरोप लगाया कि जब भी उन्होंने पैसों के बारे में जानकारी मांगी तब बैंक स्टाफ ने उन्हें बार-बार टाल दिया.
शिकायत का होगा समाधान
जिला कलेक्टर केदार सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जाएगी. कहा, “जनसुनवाई के दौरान 200 से ज़्यादा आवेदन मिलते हैं. चूंकि यह मामला अब मेरे संज्ञान में आया है, इसलिए मैं इसकी जांच करवाऊंगा और सुनिश्चित करूंगा कि बुजुर्ग की शिकायत का समाधान हो.”