राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में जिलेभर में हिंदू सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार को ढोढर और इकलौद में मंडल स्तरीय हिंदू सम्मेलन संपन्न हुए। इनमें बड़ी संख्या में हिंदू समाज के महिला, पुरुष और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इन सम्मेलनों की शुरुआत कलश यात्राओं से हुई, जिनमें महिलाओं और बालिकाओं ने सिर पर कलश धारण कर सहभागिता की। सम्मेलन के बाद आयोजित सहभोज में सामाजिक समरसता का दृश्य तब देखने को मिला, जब सभी जाति-वर्ग के लोगों ने एक साथ पंगत में बैठकर भोजन किया। सोंई खंड के ढोढर मंडल का हिंदू सम्मेलन गिर्राज जी मंदिर प्रांगण में आयोजित हुआ। इसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक मनु जैन मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने संघ की गौरवशाली यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि संघ एक शताब्दी से राष्ट्र सेवा में समर्पित है। जैन ने हिंदू समाज से सक्रिय और संगठित बनने का आह्वान किया। उन्होंने जोर दिया कि संगठित और स्वाभिमानी समाज से ही भारत की सीमाएं और संस्कृति सुरक्षित रहती हैं। इसी सम्मेलन में नौनार सरकार धाम के महंत गोपाल दास महाराज ने भजनों की प्रस्तुति दी और सेवा भाव पर अपने विचार व्यक्त किए। इससे सम्मेलन का वातावरण धर्ममय हो गया। ननावद मंडल में आयोजित सम्मेलन में मुख्य वक्ता सुरेशचंद्र अग्रवाल ने हिंदू समाज की एकजुटता की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं, विजयपुर खंड के इकलौद में अंबिका डीएड कॉलेज में हुए सम्मेलन में संघ के जिला प्रचारक अभिजीत मिश्रा ने भारत के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख किया। उन्होंने एकता को शक्ति बताते हुए कहा कि जब-जब हिंदू समाज की चेतना जागृत हुई, तब-तब भारत ने विश्व गुरु बनने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। मिश्रा ने अयोध्या राम मंदिर के निर्माण और जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटने को इसी दिशा के महत्वपूर्ण कदम बताया। इन सम्मेलनों में विशिष्ट अतिथि महामंडलेश्वर संत श्री रामदास जी महाराज दंदरौआ सरकार और पीठाधीश्वर पंडित श्री गोपाल कृष्ण महाराज शाहपुरा सरकार ने समाज के सभी वर्गों की समान महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने सभी को संगठित रहने का संदेश दिया। इस दौरान एक व्यक्ति ने मंच पर आकर नशा छोड़ने का संकल्प भी लिया।
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