बुरहानपुर के ग्राम झिरी स्थित नवलसिंह सहकारी शकर कारखाना के श्रमिक अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 20 जनवरी से आंदोलन कर रहे हैं। इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर स्थित इस कारखाने के सामने श्रमिकों ने गुरुवार से क्रमिक भूख हड़ताल भी शुरू कर दी है। आज शाम नेपानगर विधायक मंजू दादू ने आंदोलन स्थल पहुंचकर श्रमिकों से मुलाकात की। विधायक मंजू दादू ने श्रमिकों को सलाह दी कि वे कलेक्टर से मिलकर अपनी समस्याओं से अवगत कराएं। उन्होंने कहा कि कलेक्टर से आग्रह किया जाए कि समझौता पत्र पर कारखाना के एमडी से चर्चा कर उसे भोपाल भेजा जाए। विधायक ने आश्वासन दिया कि वे भोपाल में सहकारिता मंत्री से बात कर समझौते को लागू करवाने का प्रयास करेंगी। तीन महीने में कुछ नहीं हुआ, इसलिए आक्रोश
राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक के अध्यक्ष ललित कश्यप ने बताया कि यह हड़ताल नवलसिंह सहकारी शकर कारखाना प्रबंधन और श्रमिक संघ के बीच अक्टूबर 2023 में हुए समझौते का पालन न होने के कारण की जा रही है। उन्होंने कहा कि समझौते के तीन माह बीत जाने के बाद भी उस पर अमल नहीं किया गया है, जिससे कर्मचारियों में आक्रोश है। कश्यप के अनुसार, जुलाई 2023 से कार्यरत श्रमिक कर्मचारियों को शासन द्वारा स्वीकृत महंगाई भत्ता नहीं दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2022-23 में हुए समझौतों का भी उल्लंघन किया गया है। उन्होंने बताया कि 1990 से लगातार समझौते होते आए हैं, लेकिन अब उन पर अमल नहीं हो रहा है। ललित कश्यप ने यह भी बताया कि पिछले 40 वर्षों में इस समय कारखाना सबसे अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। कम मजदूरों के साथ भी अच्छा उत्पादन और रिकवरी हो रही है, लेकिन कर्मचारियों को केवल मजदूर बनकर काम करना पड़ रहा है। रिक्त पदों पर भी 10 से 12 हजार रुपए में काम करवाया जा रहा है। कारखाने में कुल 450 कर्मचारी कार्यरत हैं। श्रमिकों ने चेतावनी दी है कि यदि 28 जनवरी तक उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे 29 जनवरी से आमरण अनशन शुरू कर देंगे। 20 जनवरी से कर रहे आंदोलन
गौरतलब है कि कर्मचारियों ने 20 जनवरी से आंदोलन शुरू किया। पहले दिन काली पट्टी बांधकर काम किया। दूसरे दिन कारखाने के गेट के पास विरोध प्रदर्शन किया। तीसरे दिन गुरुवार से क्रमिक भूख हड़ताल शुरू की। 27 जनवरी को दोपहर एक बजे एक घंटा नो वर्क ड्यूटी की जाएगी। 28 जनवरी को स्लो डाउन किया जाएगा।
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