PAK U19 vs ZIM U19: इन दिनों अंडर 19 विश्व कप 2026 की धूम है. इसी बीच 22 जनवरी 2026 को एक नया बखेड़ा खड़ा हो गया है. इस बवाल की वजह पाकिस्तान टीम की घटिया सोच बताई जा रही है. ये पूरा विवाद पाकिस्तान और जिम्बाब्वे की अंडर 19 टीम के बीच खेले गए एक अहम मुकाबले से जुड़ा है, जो ग्रुप C के तहत हरारे के मैदान पर खेला गया. यह मैच इसलिए चर्चा में रहा क्योंकि स्कॉटलैंड अगले राउंड में क्वालीफाई करने के बेहद करीब थी, लेकिन पाकिस्तान की ‘घटिया’ हरकत के चलते उसका सफर खत्म हो गया, जबकि हारने वाली जिम्बाब्वे की बल्ले-बल्ले हो गई. आखिर पूरा मामला क्या है और क्यों इस मैच को लेकर पूरे क्रिकेट जगत में बहस छिड़ गई है, आइए समझते हैं.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेले जा रहे अंडर 19 विश्व कप 2026 में कुल 16 टीमें हिस्सा ले रही हैं. इन्हें 4 ग्रुप में बांटा गया है, हर ग्रुप में 4 टीमें हैं. ग्रुप स्टेज में सभी टीमें 3-3 मैच खेलती हैं और फिर सुपर 6 में एंट्री होती है. ग्रुप C का आखिरी मुकाबला पाकिस्तान और जिम्बाब्वे के बीच खेला गया. इसी मैच से तय होना था कि कौन सी 2 टीमें अगले राउंड में जाएंगी. पाकिस्तान की जीत तय मानी जा रही थी, जिससे स्कॉटलैंड भी क्वालीफाई कर जाती, लेकिन पाकिस्तान की घीमी जीत ने पूरा खेल बिगाड़ दिया. नतीजा ये रहा कि हारने के बावजूद जिम्बाब्वे आगे निकल गई और स्कॉटलैंड बाहर हो गया. जिस सोच के साथ पाकिस्तान टीम जीती, उस पर कई सवाल खड़े हुए हैं और इसी पर बवाल मच गया है.
कैसे बाहर हो गया स्कॉटलैंड?
अंडर 19 विश्व कप 2026 के ग्रुप C से 3 टीमों को क्वालीफाई करना था, जबकि एक टीम बाहर होती. इंग्लैंड और पाकिस्तान का अगले राउंड में जाना पहले ही तय था. आखिरी स्थान के लिए जिम्बाब्वे और स्कॉटलैंड के बीच टफ फाइट थी, क्योंकि दोनों के अंक बराबर थे. सब कुछ पाकिस्तान की जीत के अंतर और नेट रन रेट पर निर्भर था. अगर पाकिस्तान यह मैच तेजी से जीत लेता तो जिम्बाब्वे बाहर हो जाती, लेकिन पाकिस्तान ने जीत दर्ज करने में जरूरत से ज्यादा वक्त लिया. इसी वजह से नेट रन रेट का खेल बदल गया. हार के बावजूद जिम्बाब्वे का नेट रन रेट स्कॉटलैंड से बेहतर रहा और स्कॉटलैंड टूर्नामेंट से बाहर हो गया.
एक ओवर पहले खत्म होता मैच तो बवाल नहीं होना था
मैच की बात करें तो जिम्बाब्वे ने 25.5 ओवर में 129 रन बनाए थे. पाकिस्तान ने इस टारगेट को हासिल करने में 26.2 ओवर लगा दिए. सिर्फ 2 विकेट खोकर पाकिस्तान ने मैच जीता, जबकि उसके पास 181 गेंदें बाकी रहीं. अब आरोप लग रहा है कि पाकिस्तान ने जानबूझकर रन चेज को धीमा किया ताकि नेट रन रेट का समीकरण उसके और जिम्बाब्वे के पक्ष में जा सके. अगर पाकिस्तान 26 ओवर में ही मैच खत्म कर देता तो स्कॉटलैंड क्वालीफाई कर जाता, लेकिन मैच को 27वें ओवर तक खींचने से जिम्बाब्वे को NRR में मामूली फायदा मिल गया. जिम्बाब्वे का नेट रन रेट -2.916 रहा, जबकि स्कॉटलैंड का -2.986.
पाकिस्तान पर क्यों उठे सवाल?
अब सवाल उठ रहा है कि क्या यह मैच फिक्स था या पाकिस्तान ने जानबूझकर धीमी बल्लेबाजी की? ये सवाल इसलिए उठे क्योंकि 129 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान का स्कोर 14 ओवर में 2 विकेट पर 84 रन था. यहां से जीत के लिए सिर्फ 44 रन चाहिए थे. ऐसा लग रहा था कि पाकिस्तान आसानी से मैच खत्म कर देगा, लेकिन इसके बाद उसने 44 रन बनाने में 74 गेंदें लगा दीं. क्रीज पर समीर मन्हास जैसे सेट बल्लेबाज मौजूद थे, जिन्होंने 74 रनों की नाबाद पारी खेली. जैसे ही 26 ओवर में यह साफ हो गया कि स्कॉटलैंड टूर्नामेंट से बाहर हो गया है, समीर मन्हास ने लगातार 2 छक्के मारकर पाकिस्तान को जीत दिला दी.
ऐसे उजागर हुई पाकिस्तान की घटिया सोच
सबसे हैरानी वाली बात यह रही कि पाकिस्तान के बल्लेबाजों ने 16वें से 25वें ओवर के बीच 50 डॉट गेंदें खेलीं. 16 ओवर के बाद स्कोर 96 रन था, लेकिन 25 ओवर के बाद सिर्फ 123 रन ही बने. पाकिस्तान टीम का यह रवैया फैंस के लिए चौंकाने वाला रहा. सोशल मीडिया पर इसे पाकिस्तान की शर्मनाक हरकत बताया जा रहा है और जमकर आलोचना हो रही है.
पाकिस्तान टीम पर कोई एक्शन होगा?
अब सवाल ये है कि क्या पाकिस्तान टीम के इस रवैये पर कोई कार्रवाई होगी. ICC के कोड ऑफ कंडक्ट के लॉ 2.11 के मुताबिक अगर कोई टीम या कप्तान जानबूझकर मैच को गलत तरीके से मैनिपुलेट करता पाया जाता है तो उस पर कार्रवाई संभव है. क्रिकेट फैंस का मानना है कि पाकिस्तान ने जानबूझकर रन गति कम की, जो प्रतिस्पर्धात्मक क्रिकेट की भावना के खिलाफ है. इसी वजह से यह मामला पूरे क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है.