शिवपुरी जिला अस्पताल के कोविड ICU में लगी आग, ऑक्सीजन नहीं मिलने से मरीज की मौत | shivpuri – News in Hindi

शिवपुरी जिला अस्पताल के कोविड ICU में लगी आग, ऑक्सीजन नहीं मिलने से मरीज की मौत | shivpuri – News in Hindi


आग लगने के बाद कोविड वार्ड में भर्ती एक मरीज की मौत हो गई. सांकेतिक फोटो.

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के शिवपुरी (Shivpuri) जिला अस्पताल में एक बड़ा हादसा हो गया है. अस्पताल के कोविड सेंटर (Covid Center) के आईसीयू में आग लग गई.

शिवपुरी. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के शिवपुरी (Shivpuri) जिला अस्पताल में एक बड़ा हादसा हो गया है. अस्पताल के कोविड सेंटर (Covid Center) के आईसीयू में बीते बुधवार की दोपहर आग लग गई. बताया जा रहा है कि आग वेंटिलेटर की हाई फ्लो ऑक्सीजन मशीन में तेज धमाके के बाद लगी. आग के बाद अस्पताल में अफरा तफरी मच गई. इसी दौरान ऑक्सीजन न मिलने के कारण एक मरीज की मौत भी हो गई. मशीन को ठीक करने के लिए अब इंजीनियर की टीम को बुलाया गया है. जिस मरीज की मौत हुई, उसकी उम्र 65 वर्ष बताई जा रही है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वेंटीलेटर पर भर्ती गुना के 65 साल के एक मरीज को गंभीर हालत में शिवपुरी के अस्पताल में भर्ती कराया गया था. बताया जा रहा है कि आग लगने के बाद गंभीर हालत में मरीज मोहम्मद इस्लाम को उनका बेटा उठाकर बाहर लाया. इस बीच करीब 10 मिनट तक उन्हें ऑक्सीजन नहीं मिल पाया, जिसके चलते उनकी मौत हो गई. मिली जानकारी के मुताबिक के कोरोना संक्रमण के गंभीर मरीजों की जान बचाने के लिए भोपाल से 10 हाई फ्लो ऑक्सीजन मशीनें शिवपुरी के अस्पताल में भेजी गईं थीं, जिसमें से एक में आग लग गई.

अस्पताल में मची अफरा तफरी
मिली जानकारी के मुताबिक दस बिस्तर के आईसीयू वार्ड में आग लगी. इस वार्ड के सबसे अंतिम वेंटिलेटर पर गुना के मोहम्मद इस्लाम भर्ती थे. उन्हीं के वेंटीलेटर की हाई फ्लो ऑक्सीजन मशीन में दोपहर करीब 1.45 बजे धमाके के साथ आग ली. आग के बाद धुआं फैल गया, जिससे कुछ देर के लिए अस्पताल में अफरा तफरी मच गई. घटना के बाद कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह और सहायक कलेक्टर काजल जावला भी मौके का जायजा लेने पहुंचे. मीडिया से चर्चा में शिवपुरी के सीएमएचओ डॉ. एएल शर्मा ने बताया कि घटना के समय हमारे रेजीडेंट, डॉक्टर और दो नर्स वहां मौजूद थीं. मृतक मोहम्मद असलम के अटेंडर खुद कई बार ऑक्सीजन का फ्लो ऊपर-नीचे करते थे. मौत भी शिफ्ट करने के दौरान नहीं हुई है. मरीज की मौत आइसोलेशन में शिफ्ट करने के 25 मिनट बाद हुई है.





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