अनूपपुर जिले के जैतहरी वन क्षेत्र के मुंडा गांव में एक सफेद भालू के शावक की कुएं में गिरने से मौत हो गई। शुक्रवार सुबह जब ग्रामीणों ने कुएं में भालू का शव देखा, तो वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकाला।
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बिना मुंडेर के कुएं में गिरने से मौत
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, यह घटना गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात की है। मुंडा गांव के एक खेत में स्थित कुएं पर मुंडेर (सुरक्षा दीवार) नहीं थी। रात के अंधेरे में घूमते समय यह नर भालू शावक अचानक कुएं में जा गिरा और पानी में डूबने से उसकी मौत हो गई। शुक्रवार तड़के ग्रामीणों ने इसकी जानकारी वनरक्षक को दी, जिसके बाद विभाग सक्रिय हुआ।
पोस्टमॉर्टम के बाद किया गया अंतिम संस्कार
वन परिक्षेत्र अधिकारी विवेक मिश्रा ने बताया कि भालू के शव को कुएं से निकालकर उसका पंचनामा तैयार किया गया। इसके बाद शव को जैतहरी वन डिपो लाया गया, जहाँ डॉक्टरों की टीम ने उसका पोस्टमॉर्टम किया। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में भालू के शव का पूरे सम्मान के साथ दाह संस्कार कर दिया गया है।
इलाके में लगातार हो रही वन्यजीवों की मौत
जैतहरी क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि जनवरी के महीने में ही यह तीसरी बड़ी घटना है। इससे पहले रेलवे ट्रैक पर एक तेंदुए का शव मिला था, जिसकी मौत ट्रेन की टक्कर से हुई थी।
वहीं, एक अन्य मामले में शिकारियों द्वारा बिछाए गए बिजली के करंट की चपेट में आने से भी एक तेंदुए की जान चली गई थी। लगातार हो रही इन मौतों से पर्यावरण प्रेमी और वन विभाग चिंतित हैं।