गमलों की सेहत सुधारेगा 40 रुपये का पैकेट, फूल-सब्जियों में दिखेगा कमाल का असर

गमलों की सेहत सुधारेगा 40 रुपये का पैकेट, फूल-सब्जियों में दिखेगा कमाल का असर


सतना. अगर आपके घर के गमलों में लगे पौधे मुरझाए हुए दिखते हैं, फूल कम आ रहे हैं या सब्जियों की बढ़वार थम सी गई है, तो अब महंगे खाद या उर्वरकों पर पैसा खर्च करने की जरूरत नहीं. महज 40 रुपये का एक छोटा सा पैकेट आपके गमलों में फिर से जान फूंक सकता है. लोकल 18 को जानकारी देते हुए मध्य प्रदेश के सतना के पेस्टीसाइड एक्सपर्ट अमित सिंह ने बताया गया कि माइक्रोन्यूट्रिएंट मिक्सचर खाद पौधों के लिए आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्वों का संतुलित मिश्रण होती है, जो मिट्टी में इनकी कमी को पूरा कर पौधों की वृद्धि, हरियाली और पैदावार को तेजी से बढ़ाती है. कम कीमत, आसान उपयोग और शानदार नतीजों की वजह से यह खाद अब शहरों के साथ साथ गांवों में भी तेजी से लोकप्रिय हो रही है.

उन्होंने कहा कि कई बार पौधों को पर्याप्त पानी और सामान्य खाद मिलने के बावजूद उनकी बढ़वार सही नहीं होती, पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं या फूल-फल कम लगते हैं. इसका मुख्य कारण मिट्टी में जिंक, आयरन, मैंगनीज, कॉपर और बोरॉन जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी होना है. माइक्रोन्यूट्रिएंट मिक्सचर खाद इन्हीं तत्वों का बैलेंसड मिक्सचर होती है, जो पौधों की जड़ों को मजबूत बनाती है, फोटोसिंथेसिस की प्रक्रिया को बेहतर करती है और नई पत्तियों और कलियों की वृद्धि में मदद करती है. इससे पौधे न सिर्फ तेजी से बढ़ते हैं बल्कि उनका रंग भी गहरा हरा और आकर्षक हो जाता है.

कैसे करें इस्तेमाल और कितनी मात्रा सही?
उन्होंने आगे कहा कि यह खाद बाजार में लिक्विड और पाउडर दोनों रूपों में उपलब्ध है. पाउडर रूप में मिलने वाले माइक्रोन्यूट्रिएंट मिक्सचर को 25 से 30 ग्राम मात्रा में गमले की मिट्टी में मिलाया जाता है. इसे सीधे मिट्टी में मिलाकर हल्की गुड़ाई कर दें या पानी में घोलकर ड्रेंचिंग के रूप में डाल सकते हैं. इतनी मात्रा एक गमले के लिए लगभग एक महीने तक पर्याप्त रहती है और इस दौरान पौधों को लगातार पोषण मिलता रहता है. तरल रूप वाली खाद को पानी में तय मात्रा में घोलकर पत्तियों पर छिड़काव भी किया जा सकता है, जिससे पोषक तत्व तेजी से अवशोषित होते हैं.

मैक्स और सुपर मैक्स नाम से उपलब्ध
उन्होंने कहा कि यह माइक्रोन्यूट्रिएंट मिक्सचर खाद बाजार में मैक्स और सुपर मैक्स जैसे नामों से मिलती है. 25 ग्राम का एक पैकेट करीब 40 रुपये में उपलब्ध है, जो एक गमले के लिए पर्याप्त है. अगर आपके पास बड़े गमले हैं या कई पौधे लगे हैं, तो 750 रुपये में एक किलो का पैक भी मिल जाता है, जो करीब 40 गमलों तक चल सकता है. इस तरह बहुत कम खर्च में पूरे महीने भर पौधों को जरूरी पोषण दिया जा सकता है.

फल-फूल और सब्जी, हर पौधे के लिए कारगर
उन्होंने कहा कि सबसे खास बात यह है कि यह खाद सिर्फ फूलों के पौधों तक सीमित नहीं है, फलदार पौधों, सब्जियों और सजावटी पौधों सभी के लिए यह समान रूप से असरदार मानी जा रही है. टमाटर, मिर्च, बैंगन जैसी सब्जियों में इससे फूल और फल ज्यादा आने लगते हैं जबकि गुलाब, गेंदा और चमेली जैसे फूलों के पौधों में रंग और संख्या दोनों में सुधार दिखता है. फलदार पौधों में भी इससे बेहतर बढ़वार और अच्छी उपज मिलती है.

कम खर्च में गमलों का कायाकल्प
घर की बालकनी या छत पर लगे गमलों को हरा-भरा और फल-फूल से लदा देखना हर किसी की ख्वाहिश होती है. माइक्रोन्यूट्रिएंट मिक्सचर खाद इसी सपने को बेहद कम खर्च में पूरा कर देती है. नियमित और सही मात्रा में इस्तेमाल करने पर पौधे स्वस्थ, मजबूत और ज्यादा उत्पादक बनते हैं. अगर आप भी अपने गमलों में नई जान फूंकना चाहते हैं, तो 40 रुपये का यह पैकेट आपके लिए किसी जादू से कम नहीं है.



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