राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। दावा-आपत्ति की अंतिम तिथि 21 जनवरी 2026 को एसडीएम कार्यालय में 6 मतदान केंद्रों के सैकड़ों मतदाताओं के नाम काटने के लिए थोक में फार्म क्रमांक-7 जमा किए गए। इनमें मतदान केंद्र 258 पर 66, 251 पर 101, 244 पर 89 और 248 पर 23 आपत्ति फार्म शामिल हैं। मामले का खुलासा तब हुआ, जब क्षीरसागर मार्ग स्थित मेवाड़ा मोहल्ले के 66 लोगों के नाम एक साथ काटने का आवेदन मतदान केंद्र 258 से किया गया। कांग्रेस के बीएलए एवं पूर्व पार्षद राकेश जायसवाल को इसकी जानकारी लगी। उन्होंने बीएलओ राजेंद्र सोनी और संबंधित मतदाताओं को मौके पर बुलाकर जांच कराई। जांच में सामने आया कि आपत्ति फार्म भाजपा बीएलए शंभू मेवाड़े के नाम से दिए गए हैं, लेकिन जब उनसे हस्ताक्षरों को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने साफ इनकार किया। शंभू मेवाड़े ने कहा कि फार्म पर किए गए हस्ताक्षर अंग्रेजी में हैं, जबकि वे हमेशा हिंदी में हस्ताक्षर करते हैं। उन्होंने लोगों के सामने कागज पर अपने असली हस्ताक्षर कर यह भी साबित किया कि फार्म पर किया गया साइन फर्जी है। फार्म-7 में यह भी लिखा गया था कि ये 66 मतदाता खिलचीपुर के बजाय अम्बावता गांव में रहते हैं, जबकि स्थानीय लोगों ने इसे पूरी तरह झूठा बताया। मोहल्ले के बुजुर्ग गुलाम मोहम्मद ने कहा कि वे क्षीरसागर मार्ग पर जन्म से रह रहे हैं, इसके बावजूद किसी ने फर्जी तरीके से उनका नाम कटवाने की कोशिश की। कांग्रेस बीएलए राकेश जायसवाल ने कहा कि फर्जी नाम और फर्जी हस्ताक्षर से की गई आपत्तियां लोकतंत्र पर हमला हैं। उन्होंने निर्वाचन आयोग से मांग की है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और आईपीसी की धारा 420 के तहत प्रकरण दर्ज किया जाए। वहीं शंभू मेवाड़े ने भी अपने नाम से की गई फर्जी शिकायत की जांच और कार्रवाई की मांग की है।
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