सीधी जिले के कुसमी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम गुडआधार में प्रशासन ने शनिवार को अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। कोर्ट के स्टे ऑर्डर के बावजूद यहां धड़ल्ले से निर्माण कार्य किया जा रहा था। शिकायत मिलने पर तहसीलदार नारायण सिंह खुद मौके पर पहुंचे और काम बंद करवाकर अतिक्रमणकर्ता को कार्रवाई की चेतावनी दी। कोर्ट के आदेश की हो रही थी अनदेखी पूरा मामला हीरालाल साहू के मकान से जुड़ा है। पीड़ित हीरालाल ने तहसीलदार से लिखित शिकायत की थी कि रामअवतार साहू उनकी जमीन पर जबरन कब्जा कर मकान बनवा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस भूमि को लेकर कोर्ट का स्टे आदेश है, यानी जब तक फैसला न हो जाए तब तक कोई निर्माण नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद प्रशासन के नियमों की अनदेखी कर वहां तेजी से काम चल रहा था। तहसीलदार मौके पर पहुंचे शिकायत के बाद तहसीलदार नारायण सिंह शनिवार दोपहर करीब 2 बजे अपनी टीम के साथ गुडआधार गांव पहुंचे। वहां उन्होंने निर्माण कार्य को रुकवा दिया। तहसीलदार ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए और रामअवतार साहू को हिदायत दी कि जब तक अदालत का स्टे आदेश प्रभावी है, तब तक एक ईंट भी नहीं रखी जाएगी। दोबारा काम शुरू करने पर होगी जेल और जुर्माना तहसीलदार नारायण सिंह ने बताया कि प्रशासनिक और कानूनी आदेशों की अवहेलना किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दोबारा निर्माण कार्य शुरू करने की कोशिश की गई, तो अतिक्रमणकर्ता के खिलाफ जुर्माना लगाने के साथ-साथ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्थानीय राजस्व अमले (पटवारी और आरआई) को निर्देश दिए हैं कि वे जमीन पर नजर रखें और किसी भी गतिविधि की तुरंत सूचना दें।
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