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गुनौर में स्थित बालिका छात्रावास में भोजन की खराब व्यवस्था सामने आई है, जब छात्राएं जला हुआ भोजन मिलने धरने पर बैठ गईं. उन्होंने रसोइयों पर गंभीर आरोप भी लगाए. मामले की पूरी जानकारी डीसीपी पन्ना को दे गई है.
(आचार्य शिवकांत/पन्ना:)
पन्ना जिले के गुनौर में स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालिका छात्रावास में व्यवस्थाओं की पोल खोलती तस्वीरें सामने आईं. यहां रह रही छात्राओं को मिल रहे जले भोजन से नाराजगी देखी गई. छात्राओं ने रसोइयों पर भेदभाव और मनमानी के आरोप लगाए और उनकी मनमानी के विरोध के दौरान छात्राएं छात्रावास के बाहर बैठ गईं और नारेबाजी की. मामले की सूचना पर पुलिस और तहसीलदार मौके पर पहुंचे. मामला तूल पकड़ता इससे पहले ही पुलिस ने इसे शांत करवाया और सभी की बात तफसील से सुनी.
धरने पर बैठ गईं छात्राएं
इस घटना ने छात्रावासों की निगरानी और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. बालिका छात्रावास में उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब छात्राओं ने भोजन की खराब गुणवत्ता को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. छात्राओं का आरोप है कि छात्रावास की रसोइया अपने लिए अलग से अच्छा भोजन बनाती हैं, जबकि उन्हें गंदा और जला हुआ खाना परोसा जाता है. कई बार शिकायत के बावजूद कोई सुधार नहीं हुआ, जिससे परेशान होकर छात्राएं छात्रावास के बाहर धरने पर बैठ गईं और रो-रोकर छात्राओं ने रसोइयों के द्वारा किए जा रहे व्यवहार को बताया.
डीसीपी पन्ना को दी गई पूरी जानकारी
छात्राओं ने अपने अभिभावकों को फोन कर पूरी स्थिति बताई, जिसके बाद स्थानीय लोग और कांग्रेस नेता भी मौके पर पहुंचे. सूचना मिलने पर पुलिस और तहसीलदार रत्नाराशि पांडे छात्रावास पहुंचीं और मामले को शांत करवाया. छात्रावास प्रभारी संदीपनी सिंह ने बताया कि रसोइयों को समझाने पर वे उल्टा विवाद करने लगती हैं और पूरे मामले की जानकारी डीपीसी पन्ना को दे दी गई है.
लोगों में देखी गई नाराजगी
वहीं प्रशासनिक अधिकारियों के बयान से लोगों में नाराजगी देखी गई. सवाल यह है कि जब छात्राओं को न तो ठीक भोजन मिल रहा है और न ही सम्मानजनक व्यवहार, तो क्या प्रशासन किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है? यह मामला छात्रावासों की जमीनी हकीकत और प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करता है.
इस मामले में डीपीसी अजय गुप्ता ने कहा कि छात्रावास से छात्राओं ने खाना को लेकर शिकायत की थी. वहीं रसोईयों की तरफ से भी छात्राओं की शिकायत की गई है. मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है.