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Republic Day: 77वें गणतंत्र दिवस पर शहर में देशभक्ति और कला का अनोखा संगम देखने को मिला. लायंस क्लब के आयोजन में आर्टिस्ट रूपाली सोनी ने 40 किलो अनाज से 10 फीट लंबी भारत माता की भव्य रंगोली बनाई. इस कलाकृति ने मानवता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया. कार्यक्रम के बाद सारा अनाज पक्षियों को खिलाने का निर्णय लिया गया.
26 जनवरी गणतंत्र दिवस के मौके पर खरगोन में नागरिकों को एक अनोखी और आकर्षक कलाकृति देखने को मिली. शहर की जानी-मानी आर्टिस्ट रूपाली सोनी और उनकी टीम ने करीब 40 किलो अनाज से 10 फीट लंबी भारत माता की भव्य रंगोली तैयार की. देशभक्ति की अद्भुद कलाकृति की लोगों ने खूब सराहना की.

दअरसल, 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर यह आयोजन सनावद रोड स्थित क्षीरसागर भवन में लायंस क्लब द्वारा आयोजित किया गया. कार्यक्रम स्थल पर सुबह से ही लोगों की भीड़ जुटने लगी थी. देशभक्ति के माहौल में आयोजित इस आर्ट इवेंट ने शहरवासियों को भावुक कर दिया. भारत माता की ग्रेन आर्ट को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे.

रूपाली सोनी ने अपने प्रतिभाशाली विद्यार्थियों हिरल भावसार, श्याम वर्मा, शैलजा पारसाई, शिरीन गोहर और आरन्या महाजन के साथ मिलकर इस कलाकृति को तैयार किया. अलग-अलग प्रकार के अनाजों से बनाई गई यह आकृति बेहद आकर्षक नजर आ रही थी. कलाकारों की मेहनत और क्रिएटिविटी ने हर किसी को प्रभावित कर दिया.
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इस कलाकृति की खास बात यह रही कि इसमें उपयोग किया गया सारा अनाज बाद में पक्षियों को खिलाया जाएगा. रूपाली सोनी ने बताया कि निमाड़ क्षेत्र में गर्मी के मौसम में पक्षियों को दाना-पानी की परेशानी होती है. इसी को ध्यान में रखते हुए यह पहल की गई, ताकि कला के माध्यम से समाज को जागरूक किया जा सके.

कार्यक्रम में लायंस क्लब के अध्यक्ष डॉ. बसंत सोनी सहित क्लब के कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे. जिन्होंने फीता काटकर रंगोली प्रदर्शन का शुभारंभ किया. साथ ही उन्होंने कलाकारों के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में संवेदनशीलता और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का भाव पैदा करते हैं.

रूपाली सोनी ने बताया कि इस कलाकृति का उद्देश्य सिर्फ कला का प्रदर्शन करना नहीं है, बल्कि मानवता, पक्षी संरक्षण और पर्यावरण बचाने का संदेश देना भी है. उन्होंने कहा कि लोग इस तरह की पहल से प्रेरित होकर अपने आसपास के पक्षियों और जानवरों के लिए भी कुछ करें, यही उनकी कोशिश है.

बता दें, रूपाली ने इससे पहले 14 फरवरी 2023 को भी 10 हजार वर्गफीट क्षेत्र में 315 मीटर कपड़े पर 8 किलो कॉफी से शहीदों को श्रद्धांजलि दी थी, जिसे वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड में शामिल किया गया था. इसके अलावा वे पुलवामा अटैक, अमर जवान जैसे विषयों पर बनी कई टीमों का हिस्सा रह चुकी हैं, जिन्होंने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए हैं.