हतनूर घाट पुलिया! रेलिंग नहीं… 40 गांव के लोगों की जान जोखिम में, प्रशासन से सुरक्षा की मांग

हतनूर घाट पुलिया! रेलिंग नहीं… 40 गांव के लोगों की जान जोखिम में, प्रशासन से सुरक्षा की मांग


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Burhanpur News: लोकल 18 की टीम ने हतनूर में रहने वाले परवीन और विपिन पाल से बात की तो उन्होंने बताया कि पुलिया पर रेलिंग नहीं होने के कारण आए दिन हादसे होते रहते है. यदि पिछले 3 सालों के आंकड़ों की बात करें तो यहां पर करीब 5 से 6 लोगों की मौत हो चुकी है. एक पुलिसकर्मी ड्यूटी से रात को अपने घर मोटरसाइकिल से लौट रहे थे. तब मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर नदी में गिर गई और अंधेरे के कारण उनकी डूबने से मौत हो गई.

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के ताप्ती नदी के हतनूर घाट पर एक पुलिया बनी हुई है. लेकिन यहां पर रेलिंग नहीं होने के कारण आए दिन हादसे होते रहते है. रात के समय में अंधेरा रहता है. जैसे ही वाहन अनियंत्रित होते है. नदी में जा गिरते है. एक पुलिसकर्मी की भी ड्यूटी से लौटते समय नदी में गिरने से मौत हो चुकी है. वहीं, कई युवाओं ने यहां से छलांग लगाकर अपनी जान भी दी है. इसके बावजूद भी यहां पर रेलिंग नहीं लगाई जा रही है. इस मार्ग से करीब 40 गांव के लोगों का आना-जाना रहता है. नोएडा में जिस तरह से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की कार पानी में डूबने से उसकी मौत हो गई. वैसे हादसे यहां न हों, इसलिए लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है.

लोकल 18 की टीम ने हतनूर में रहने वाले परवीन और विपिन पाल से बात की तो उन्होंने बताया कि पुलिया पर रेलिंग नहीं होने के कारण आए दिन हादसे होते रहते है. यदि पिछले 3 सालों के आंकड़ों की बात करें तो यहां पर करीब 5 से 6 लोगों की मौत हो चुकी है. एक पुलिसकर्मी ड्यूटी से रात को अपने घर मोटरसाइकिल से लौट रहे थे. तब मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर नदी में गिर गई और अंधेरे के कारण उनकी डूबने से मौत हो गई. इस पुल से कई युवकों ने छलांग लगाकर भी अपनी जान दी है. यहां पर रेलिंग लगना जरूरी है क्योंकि यहां से 40 से अधिक गांव के लोगों का आवागमन होता है और रोजाना हजारों लोग इस मार्ग से गुजरते है. मोड़ होने के कारण वाहन अनियंत्रित हो जाते है.

20 हजार से अधिक लोगों का आवागमन
इस पुलिया से करीब 20 हजार से अधिक लोग रोजाना आवागमन करते है. यह मार्ग महाराष्ट्र की ओर भी जाता है. जिससे महाराष्ट्र की ओर से एमपी के बुरहानपुर में भी लोग आते है. इसलिए रोजाना यहां से 20,000 से अधिक लोगों का आवागमन होता है और स्कूली वाहन भी इस मार्ग से गुजरते है. इसलिए यहां पर रेलिंग लगाना बहुत जरूरी हो गया है. रात के समय अंधेरा रहने के कारण क्षेत्र के लोग जिला प्रशासन से रेलिंग लगाने की मांग कर रहे है. अब देखना यह होगा कि नोएडा के हादसे को देखकर जिला प्रशासन कोई कदम उठाता है या लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा.

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रेलिंग के बिना मौत का रास्ता बनी हतनूर घाट की पुलिया, खतरे में 40 गांव के लोग



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