खूबसूरत लड़की, तय बार में डेट और हजारों का बिल: एमपी में ड्रंकन गर्ल स्कैम में फंस रहे बिजनैसमेन, बदनामी के डर से नहीं करते शिकायत – Madhya Pradesh News

खूबसूरत लड़की, तय बार में डेट और हजारों का बिल:  एमपी में ड्रंकन गर्ल स्कैम में फंस रहे बिजनैसमेन, बदनामी के डर से नहीं करते शिकायत – Madhya Pradesh News




मैं डेटिंग वेबसाइट टिंडर पर एक पार्टनर की तलाश में था, तभी भोपाल की एक लड़की का ‘हैलो’ मैसेज आया। मैंने जवाब दिया और हमारी चैटिंग शुरू हो गई। हम लोग एक बार में डेट पर गए। वहां उसने मेन्यू मंगाया और महंगे ड्रिंक्स ऑर्डर किए। चंद मिनटों की इस मुलाकात का बिल आया 41 हजार रुपए। ये आपबीती भोपाल के एक युवा बिजनेसमैन सिद्धार्थ (बदला हुआ नाम) की है, जिन्हें उस रात बार का बिल चुकाने के लिए अपने दोस्तों से उधार लेना पड़ा, और अब वह अपनी पॉकेट मनी से उस कर्ज को चुका रहे हैं। सिद्धार्थ इस जाल में फंसने वाले अकेले शख्स नहीं हैं। उनके जैसे कई युवा हर रोज खूबसूरत लड़कियों और बार की मिलीभगत से चल रहे इस ट्रैप में फंसकर हजारों रुपए गंवा रहे हैं। दैनिक भास्कर ने इस पूरे नेटवर्क की गहराई से पड़ताल की और जाना कि कैसे ‘ड्रंकन गर्ल स्कैम’ के नाम पर युवाओं को हनी ट्रैप में फंसाया जा रहा है। कैसे बिछाया जाता है जाल: एक क्लिक से बर्बादी तक का सफर
यह स्कैम, जो अब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टूरिस्ट फ्रॉड के रूप में जाना जाता था, अब मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल तक पहुंच गया है। यहां कुछ शातिर लड़कियां और बार मालिक मिलकर डेटिंग ऐप्स पर पार्टनर ढूंढ रहे युवाओं को अपना शिकार बना रहे हैं। इसका तरीका बेहद सुनियोजित है। डेटिंग साइट पर एक आकर्षक प्रोफाइल के जरिए युवाओं को फंसाया जाता है, उन्हें पहले से तयशुदा बार तक लाया जाता है, और कुछ ही देर की मुलाकात में लड़की ऐसे ड्रिंक्स ऑर्डर करती है कि बिल हजारों में पहुंच जाता है। इसके बाद शुरू होता है बार के बाउंसर्स और मैनेजमेंट का असली खेल, जो पीड़ित को बिल चुकाने के लिए मजबूर कर देते हैं। “मुझे ड्रिंक्स और लॉन्ग ड्राइव पसंद है…”
होशंगाबाद रोड पर रहने वाले युवा बिजनेसमैन सिद्धार्थ, टिंडर पर अपने लिए एक गंभीर रिश्ते की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें ‘रितिका’ नाम की एक लड़की की प्रोफाइल से मैसेज आया। ‘हाय’ के जवाब के बाद दोनों के बीच सामान्य बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ। सिद्धार्थ बताते हैं, रितिका ने अपनी हॉबीज बताते हुए कहा कि उसे ड्रिंक्स और लॉन्ग ड्राइव बहुत पसंद है। उसने एक भावुक कहानी सुनाई कि वह फिल्मों में बैकग्राउंड डांसर है और अपनी गर्भवती बहन के इलाज के लिए भोपाल आई हुई है। मैंने भी अपनी हॉबीज और परिवार के बारे में उसे सब कुछ सच-सच बता दिया। सिर्फ एक दिन की चैटिंग के बाद ही रितिका ने डेट पर चलने का प्रस्ताव रख दिया। सिद्धार्थ ने शहर के एक जाने-माने इलाके, 10 नंबर मार्केट पर मिलने का सुझाव दिया, लेकिन रितिका ने तुरंत मना कर दिया। उसने बहाना बनाया कि वहां उसके जीजाजी के जानने वाले लोग रहते हैं, इसलिए वहां मिलना ठीक नहीं होगा। बात शुरू नहीं हुई और रितिका ने ड्रिंक्स ऑर्डर कर दिए
सिद्धार्थ बताते हैं, मैं बार के गेट पर पहुंचा तो रितिका वहीं मेरा इंतजार कर रही थी। वह मुझसे बातचीत करते हुए सीधे एक बार के अंदर चली गई। हम अभी ठीक से बात करना शुरू ही कर पाए थे कि उसने वेटर से मेन्यू उठाया और बिना मुझसे पूछे ‘ब्लू लेवल’ जैसी महंगी ड्रिंक ऑर्डर कर दी। हमने दो-दो पैग पिए, लेकिन उसके दो पैग खत्म होते ही उसने ‘ग्रे गूज’ के शॉट्स ऑर्डर कर दिए। सिद्धार्थ को कुछ गड़बड़ महसूस होने लगी। उन्होंने रितिका से कहा, बिल ज्यादा हो जाएगा, एक बार हम देख लेते हैं। लेकिन रितिका ने उनकी बात पर कोई ध्यान नहीं दिया, जैसे सुना ही न हो। वेटर बोला- 17 हजार का बिल, आया 41 हजार रुपए
इससे पहले कि रितिका कुछ बोलती, वेटर ने बड़ी चालाकी से जवाब दिया, “ज्यादा नहीं हुआ सर… 17-18 हजार ही हुआ होगा।” सिद्धार्थ ने देखा कि महंगे ड्रिंक्स का रितिका पर कोई असर नहीं हो रहा था और वह मेन्यू देखे बिना ही अगला ड्रिंक ऑर्डर करने को तैयार थी। शक गहराने पर सिद्धार्थ ने जोर देकर बिल मंगवाया। जैसे ही बिल उनके हाथ में आया, उनके होश उड़ गए। बिल 41,700 रुपए का था। उन्होंने वेटर से कहा, कुछ देर पहले ही तो तुम 17-18 हजार बता रहे थे, यह दोगुने से ज्यादा कैसे हो गया? लड़की को जाने दिया, मुझे घेर लिया…”
सिद्धार्थ बताते हैं, मैं बिल देखकर सदमे में था। मैंने सोचा कि बिल को आधा-आधा बांटने की बात करता हूं। मैंने रितिका की ओर देखा, लेकिन तब तक वह मोबाइल पर बात करने का नाटक करते हुए गेट से बाहर जा रही थी। मैं उसके पीछे जाने लगा, लेकिन बार के बाउंसर्स ने मुझे घेर लिया और कहा, ‘आप बिना बिल दिए नहीं जा सकते’।” सिद्धार्थ ने उनसे कहा कि ड्रिंक्स उस लड़की ने भी पी हैं, लेकिन बाउंसर्स ने रितिका को आराम से जाने दिया और सिद्धार्थ को अंदर ही फंसा लिया। उनके पर्स में सिर्फ 5 हजार रुपए थे। उन्होंने पहले वो दिए, फिर मोबाइल से कुछ ट्रांजैक्शन किए। अंत में, दोस्तों से उधार मांगकर उन्होंने 41,700 रुपए का भारी-भरकम बिल चुकाया। सिद्धार्थ को ब्लॉक किया और फिर लड़की गायब हो गई
बिल चुकाने के बाद जब सिद्धार्थ परेशान होकर बार से बाहर निकले, तो उन्होंने रानी कमलापति स्टेशन के आसपास चक्कर लगाया, इस उम्मीद में कि शायद रितिका दिख जाए। वह स्टेशन की पार्किंग में एक युवक के साथ खड़ी दिखी। जैसे ही सिद्धार्थ ने अपनी कार पार्क करके उसकी ओर बढ़ना चाहा, वह उस युवक के साथ मोटरसाइकिल पर बैठकर तेजी से निकल गई। सिद्धार्थ उससे बात तक नहीं कर पाए। उन्होंने रितिका को कई बार कॉल किया, लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। बाद में जब उन्होंने उसे मैसेज किया, तो उसने जवाब दिया, “मैं दीदी के पास बंसल अस्पताल आ गई हूं, कॉल नहीं उठा सकती।” जब सिद्धार्थ ने गुस्से में कहा कि यह गलत है, तो उसने कहा, मुझे दीदी के कारण आना पड़ा। गुस्से में सिद्धार्थ ने उसे गोल्डडिगर (रुपयों के लिए लड़कों को फंसाने वाली लालची लड़की ) कहा तो उसने कोई उत्तर नहीं दिया लेकिन इसके बाद उसने सिद्धार्थ को ब्लॉक कर दिया।



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