न्याय न मिलने पर पशुपालक कलेक्ट्रेट में लगाई लोट: भैंस की मौत पर FIR न होने से विरोध, वार्डन बर्खास्त – Neemuch News

न्याय न मिलने पर पशुपालक कलेक्ट्रेट में लगाई लोट:  भैंस की मौत पर FIR न होने से विरोध, वार्डन बर्खास्त – Neemuch News




नीमच में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर हिमांशु चंद्रा का सख्त रुख देखने को मिला। उन्होंने शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने पर कड़ा प्रहार किया, जिसके तहत हरवार छात्रावास की वार्डन को बर्खास्त किया गया। इसी दौरान, न्याय न मिलने पर एक पशुपालक ने कलेक्ट्रेट परिसर में जमीन पर लोट लगाकर विरोध दर्ज कराया। कलेक्टर ने कस्तूरबा बालिका छात्रावास हरवार की पूर्व निलंबित संविदा वार्डन को पद से हटाने के निर्देश जिला परियोजना समन्वयक को दिए। साथ ही, नई नियुक्त वार्डन द्वारा कार्यभार ग्रहण न करने पर उसे भी निलंबित करने का आदेश जिला शिक्षा अधिकारी को सुनाया। खजुरी मनासा की शकुंतला बाई की फरियाद पर कलेक्टर ने उनके पति की कृषि कार्य के दौरान करंट से हुई मौत के मामले में तत्काल ‘मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना’ के तहत आर्थिक सहायता स्वीकृत करने के निर्देश दिए। एडीएम को इस मामले की निगरानी करने को कहा गया। जनसुनवाई में उस वक्त सनसनी फैल गई जब सावन गांव के पशुपालक मुन्नालाल ने न्याय की गुहार लगाते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में जमीन पर लोट लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। पीड़ित का आरोप है कि 12 दिसंबर को एक ईको कार ने लापरवाही से उसकी भैंस को टक्कर मार दी थी, जिससे उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। एक महीना बीतने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट होने के बावजूद पुलिस ने अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की है। मुन्नालाल ने दोषी चालक पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग की है। दूसरी ओर, कुकड़ेश्वर नगर परिषद द्वारा खाती पटेल समाज के वर्षों पुराने बाड़ों को हटाकर वहां दुकानें बनाने के प्रस्ताव ने भी तूल पकड़ लिया है। अखिल भारतीय चंद्रवंशीय खाती पटेल महासभा के नेतृत्व में समाजजनों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि उनके पुश्तैनी बाड़ों को छेड़ा गया, तो 168 गांवों का समाज सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन और भूख हड़ताल करेगा। इस मौके पर अपर कलेक्टर बी.एस. कलेश और जिला पंचायत सीईओ पराग जैन सहित तमाम प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।



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