390 करोड़ मंजूर…: टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र के चारों ओर होगी फेंसिंग, शुरुआत रातापानी से – Bhopal News

390 करोड़ मंजूर…:  टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र के चारों ओर होगी फेंसिंग, शुरुआत रातापानी से – Bhopal News




मप्र सरकार ने मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की बैठक में वन्यजीव संरक्षण, सिंचाई, सामाजिक योजनाओं और रोजगार से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी। प्रदेश के सभी 9 टाइगर रिजर्व के आसपास बसे ग्रामीण क्षेत्रों में इंसान व जंगली जानवरों के बीच टकराव और संघर्ष की घटनाएं रोकने के लिए राज्य सरकार ने बफर क्षेत्रों के विकास के लिए 390 करोड़ रुपए की मंजूरी दे दी है। राशि से बफर क्षेत्रों में जंगल से जहां ग्रामीण क्षेत्र सटे हैं, उनके बीच चेन-लिंक तार फेंसिंग की जाएगी। यह फेसिंग अगले 5 साल में वर्ष 2030 तक लगभग 500 किमी लंबाई में की जाएगी। पहले चरण में 52.434 किमी लंबाई में यह फेसिंग पांच टाइगर रिजर्व में उन क्षेत्रों में होगी, जहां पिछले कुछ सालों में जंगली जानवरों के हमलों में इंसानों की मौत हुई है। इनमें भोपाल के पास रायसेन जिले में रातापानी, बालाघाट, मंडला और डिंडोरी में कान्हा, उमरिया और शहडोल में बांधवगढ़, सिवनी और छिंदवाड़ा में पेंच और सीधी व शहडोल के ब्यौहारी में संजय टाइगर रिजर्व की बफर सीमा शामिल हैं। यहां करीब 10 करोड़ से यह फेसिंग होगी। फेसिंग होने के बाद टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्रों में चारागाहों के विकास और सतही जल स्रोतों के विकास से जुड़े काम किए जाएंगे। 3 विभागों की 17 योजनाओं को 5 साल तक बढ़ाया, 17 हजार 864 करोड़ मंजूर राज्य सरकार ने तीन अलग-अलग विभागों की 15 योजनाओं को की 2026-27 में खत्म हो रही मियाद को वर्ष 2029-30 तक बढ़ाने की मंजूरी देते हुए इसके लिए 17 हजार 864 करोड़ रुपए खर्च की मंजूर दे दी है। इनमें जनजातीय कार्य विभाग की शुल्क की प्रतिपूर्ति, परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण, स्काउट गाइड, परिवहन, स्वास्थ्य, विभिन्न पुरस्कार आदि की 15 योजनाएं शामिल हैं। इन पर सरकार पांच साल में 377.26 करोड़ रुपए खर्च करेगी। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की मुख्यमंत्री कृषक फसल उपार्जन सहायता के लिए 15 हजार करोड़ रुपए और राजस्व विभाग की तहसील, जिला संभाग के कार्यालय एवं आवासीय भवन का निर्माण योजनाओं के लिए 2,487 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। नर्मदापुरम… 215.47 करोड़ की 2 सिंचाई परियोजनाएं मंजूर OBC युवाओं को विदेश में रोजगार की नई योजना कैबिनेट ने प्रदेश में पिछड़े वर्ग (ओबीसी) वर्ग के के लिए लागू बेरोजगार युवक-युवतियों को विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने की योजना 2022 को समाप्त करते हुए इसके स्थान पर नई संशोधित योजना लागू करने को मंजूर दी है। नई योजना का नाम “अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए विदेश में रोजगार नियोजन योजना 2025′ होगा। योजना पर अगले 3 सालों में 45 करोड़ रुपए खर्च आने का अनुमान है। प्रतिवर्ष 600 युवाओं को रोजगार के लिए विदेश भेजने का लक्ष्य रखा गया है। पिछली योजना में सिर्फ जापान शामिल था, नई योजना में अन्य को भी शामिल कर लिया गया है।



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