मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार सोमवार को कटनी में थे। उन्होंने यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उच्च शिक्षा में नवाचार और योजनाओं की बात की। लेकिन, UGC और शंकराचार्य विवाद पर चुप्पी साधे रहे। हालांकि, जब पत्रकारों ने UGC के विरोध को लेकर सवाल किया, तो मंत्री ने सीधा जवाब नहीं दिया। वहीं, उत्तर प्रदेश में चल रहे शंकराचार्य से जुड़े विवाद पर मंत्री ने कहा कि यह विषय उनके स्तर का नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वे पत्रकारों के दबाव में कैलाश विजयवर्गीय जैसा कोई विवादित बयान नहीं देंगे। कटनी में खुलने वाले पीपीपी मॉडल मेडिकल कॉलेज के विरोध के मामले में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वह इस पर कुछ नहीं बोलेंगे। बोले- डिजिटल वैल्यूएशन लागू हुआ उन्होंने केंद्र सरकार की नई शिक्षा नीति 2020 का जिक्र करते हुए कहा कि इस वर्ष प्रदेश के विश्वविद्यालयों में डिजिटल वैल्यूएशन सिस्टम लागू किया जाएगा। अब तक परीक्षाओं की कॉपियों के बंडल ऑफलाइन जांच के लिए ले जाए जाते थे, लेकिन ऑनलाइन मूल्यांकन से परीक्षा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद होगी। उन्होंने यह भी बताया कि मध्यप्रदेश में भारत की विविध भाषाओं को बढ़ावा देने की पहल की जा रही है। इसके तहत तमिल, मलयालम, सिंधी, मणिपुरी, गुजराती जैसी भारतीय भाषाओं को अलग-अलग विश्वविद्यालयों से जोड़ा जाएगा, जिससे भाषाई और सांस्कृतिक अध्ययन को मजबूती मिलेगी। एक तरफ जहां मंत्री उच्च शिक्षा में बेहतर काम और योजनाओं की बात करते नजर आए, वहीं विवादित मुद्दों पर उनकी चुप्पी उनके दौरे का सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश बनकर सामने आई।
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