एक क्लास में बैठे स्टूडेंट्स को लड़ाने की थी साजिश… UGC नियमों पर रोक के बाद क्या बोले जबलपुर के स्टूडेंट?

एक क्लास में बैठे स्टूडेंट्स को लड़ाने की थी साजिश… UGC नियमों पर रोक के बाद क्या बोले जबलपुर के स्टूडेंट?


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Supreme Court UGC rules stay: यूजीसी की नई गाइडलाइन पर लगी सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद छात्र संगठनों और विभिन्न वर्गों के स्टूडेंट्स की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं. छात्रों ने फैसले का स्वागत किया है. ऐसे में जबलपुर के स्टूडेंट क्या कहना है, देखिए यह रिपोर्ट….

Jabalpur Students Reaction on UGC Rules: सुप्रीम कोर्ट ने UGC के नए नियमों पर फिलहाल के लिए रोक लगा दी है. कोर्ट ने केंद्र और यूजीसी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. इस रोक के बाद छात्र संगठनों और विभिन्न वर्गों के स्टूडेंट्स की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं. छात्रों ने फैसले का स्वागत किया है. उनका कहना है कि नियम भेदभाव-मुक्त, स्पष्ट और न्यायसंगत होने चाहिए. फिलहाल 2012 के यूजीसी नियम ही लागू रहेंगे. ऐसे में जबलपुर के स्टूडेंट क्या कहना है, देखिए यह रिपोर्ट….

स्टूडेंट राघवेंद्र राय ने बताया कि यूजीसी के नियम बहुत अच्छे है, हालांकि नियम स्पष्ट नहीं थे क्योंकि न्याय ऐसा होना चाहिए. जो स्पष्ट और भेदभाव  मुक्त हो. जिसके कारण ही विरोध देखने को मिल रहा था. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है. हम सभी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं. एसटी, एससी, ओबीसी कैटिगरी के हम सभी स्टूडेंट इस फैसले का स्वागत करते हैं.

स्टूडेंट्स को लड़ाने की थी साजिश! 
वहीं अभिषेक पांडे ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आभार, देश में न्याय अभी भी जिंदा है. बिल के माध्यम से फूड डालो राज करो जैसी नीति समझ में आ रही थी. पहले हिंदू-मुसलमान को लड़ाने की कोशिश की जा रही थी. वहीं इस बार शिक्षा के मंदिर में हिंदुओं को वापस में बांटने की साजिश की गई. जो नाकाम हुई. भविष्य में जो भी निर्णय हो, किसी भी धार्मिक आस्था के खिलाफ न हो, सबका साथ और सबके विश्वास पर आधारित हो.

एक झूठी शिकायत, लग जाता भविष्य दांव पर
स्टूडेंट कृष्णा ने कहा कि जनरल कैटेगरी के अधिकांश स्टूडेंट्स को यही आशंका थी कि यदि अदर कास्ट स्टूडेंट बेबुनियाद आरोप लगा देंगे. तब भविष्य दांव पर लग जाएगा. जिसको लेकर विरोध देखने को मिल रहा था. हालांकि इसको लेकर सख्त मॉनिटरिंग भी होनी चाहिए क्योंकि कैंपस के अंदर सभी स्टूडेंट एक ही क्लास में बैठकर बिना भेदभाव की पढ़ाई करते हैं. क्लास के अंदर भाईचारा बना रहना चाहिए. किसी भी स्टूडेंट के मन में द्वंद नहीं होना चाहिए, इन सभी आशंका को दूर किया जाना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत विद्यार्थी परिषद करता है.

स्टूडेंट अभिषेक मिश्रा ने बताया कि यूजीसी भेदभाव को दूर करने के लिए आया था, लेकिन नियम स्पष्ट नहीं थे सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई है. फैसला स्वागत योग्य हैं. बहरहाल इस मामले की अगली सुनवाई अब 19 मार्च को होगी. जब तक 2012 के यूजीसी नियम देशभर में लागू रहेंगे.

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Dallu Slathia

Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें

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स्टूडेंट्स को लड़ाने की थी साजिश.. UGC नियम पर रोक के बाद बोले जबलपुर के छात्र



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