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यूजीसी के नए नियमों पर पूरे देश में बवाल हुए और विरोध प्रदर्शन हुए. फिर इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने नए नियमों पर रोक लगा दी. अब भिंड में चौथी और छठी क्लास की बच्चियां यूजीसी नियम के विरोध में क्लेक्टर ऑफिस पहुंचीं.
रिपोर्ट-रविरमण त्रिपाठी/भिंड
UGC के नए नियमों को लेकर भले ही सुप्रीम कोर्ट ने अभी रोक लगा दी है और यह भी बताया है कि वह इस मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को करेगा, जहां केंद्र सरकार को अपना पक्ष रखना होगा. यूजीसी के नए नियम को लेकर पूरे देश में प्रदर्शन हो रहे थे और क्योंकि नए नियम की कमेटी से सवर्णों को दूर रखा गया है. अब चंबल के भिंड में चौथी और छठी क्लास की छात्राओं ने कलेक्ट्रेट पहुंच कर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम का ज्ञापन सौंपा और यूजीसी के नियम को वापस लेने की गुहार लगाई.
नौनिहालों ने सौंपा ज्ञापन
नौनिहालों को इस बिल से अपने भविष्य के खराब होने का डर सता रहा है. यूजीसी नियम के विरोध प्रदर्शन में नौनिहाल बच्चियों ने करीब दो सैकड़ा से अधिक लोगों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंच कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन एडीएम को सौंपा. न्यूज 18 ने जब ज्ञापन देने के बाद कक्षा 6 की छात्रा अर्पित शर्मा से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि यूजीसी बिल से हमारा भविष्य खराब हो सकता है, इसलिए इस काले कानून को जल्द से जल्द वापस लेना चाहिए. अगर यदि यह वापस नहीं लिया गया, तो आगे हम फिर से इससे अधिक संख्या में आकर विरोध प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री से अपील करेंगे.
सामान्य वर्ग को लोगों को क्यों नहीं किया गया शामिल?
इस दौरान विरोध प्रदर्शन करने आए लोगों से भी बातचीत की तो उन्होंने कहा कि इस कानून को लाने की सरकार को आवश्यकता क्या थी? जब इस कानून को बनाया गया तो सामान्य वर्ग के लोगों को इसमें शामिल क्यों नहीं किया गया? इसलिए हम सब लोग सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं और मोदी सरकार से मांग करते हैं कि इस कानून को वापस लें क्योंकि इस कानून से देश में जातियों में आपस में सीधा-सीधा टकराव होता दिख रहा है.
सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक
यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन के कॉलेज और विश्व विद्यालय में समानता बढ़ाने और भेदभाव मिटाने के लिए लाए गए इक्विटी रेगुलेशन 2026 पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी. कोर्ट ने यह भी कहा है कि जब तक इस मामले की अगली सुनवाई नहीं हो जाती, तब साल 2012 वाले पुराने नियम ही लागू रहेंगे. मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने इन नियमों पर रोक लगाई है. अब कोर्ट में अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी.