5 शतक और 1142 रन का मैच… विकेटकीपर, बल्लेबाज और गेंदबाज, जब भारत के 11 खिलाड़ियों ने की थी बॉलिंग

5 शतक और 1142 रन का मैच… विकेटकीपर, बल्लेबाज और गेंदबाज, जब भारत के 11 खिलाड़ियों ने की थी बॉलिंग


Cricket Records: क्रिकेट मैदान पर हमेशा कुछ न कुछ ऐसा हुआ है जिसने फैंस को हैरान किया है. कभी कोई गेंदबाज पारी में 10 विकेट ले लेता है तो कोई वनडे में 8 विकेट लेकर सनसनी मचा देता है. टेस्ट क्रिकेट के 149 सालों के इतिहास में ऐसे अवसर काफी कम आए है जब किसी एक पारी में टीम के 11 के 11 खिलाड़ियों ने गेंदबाजी की है. ऐसा अब तक 4 बार हुआ है और संयोग से एक बार तो टीम इंडिया भी इसमें शामिल थी. हम एक ऐसे ही मैच के बारे में आपको यहां बता रहे हैं जिसमें भारत की पूरी प्लेइंग-11 ने बॉलिंग की थी.

रनों और शतकों का अंबार

2002 के वेस्टइंडीज दौरे का चौथा टेस्ट मैच टेस्ट क्रिकेट के इतिहास के सबसे असाधारण मैचों में से एक है. सेंट जॉन, एंटीगुआ में खेला गया यह मैच नतीजे से ज्यादा रिकॉर्ड और मजेदार पलों को लेकर मशहूर हो गया. यह मैच पूरी तरह से बल्लेबाजी का त्योहार बन गया, जिसमें दो पारियों में पांच शतक और कुल 1142 रन बने. भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 513 रन बनाकर 9 विकेट पर पारी घोषित की. पारी की खासियत वीवीएस लक्ष्मण का शानदार 130 रन था, जिन्होंने एक बार फिर विदेशी परिस्थितियों में अपनी क्लास साबित की. 

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अजय रात्रा ने भी ठोका था शतक, द्रविड़ चूके

विकेटकीपर अजय रात्रा ने शानदार 115 रन बनाकर इतिहास की किताबों में अपना नाम दर्ज कराया और उस समय टेस्ट शतक बनाने वाले दूसरे भारतीय विकेटकीपर बने. वसीम जाफर (86 रन), राहुल द्रविड़ (91 रन) और कप्तान सौरव गांगुली (45 रन) के योगदान से भारत ने शुरुआत में ही मैच पर दबदबा बना लिया. 

वेस्टइंडीज ने 3 शतकों से दिया जवाब

इसके बाद जो हुआ उसके बारे में किसी ने नहीं सोचा था. वेस्टइंडीज ने और भी मजबूत बल्लेबाजी से जवाब दिया. ऐसी पिच पर जो गेंदबाजों के लिए लगभग कुछ भी नहीं दे रही थी, घरेलू टीम ने 629 रन बनाकर 9 विकेट पर पारी घोषित की. कप्तान कार्ल हूपर का शानदार शतक (136 रन) सबसे खास रहा. इसके बाद शिवनारायण चंद्रपॉल (136 रन) और रिडले जैकब्स (136 नन) के शतकों ने धमाल मचा दिया. वॉवेल हाइंड्स (65 रन) और रामनरेश सरवन (51 रन) ने अर्धशतकीय पारियां खेलीं. विंडीज बल्लेबाजों ने 998 मिनट तक बल्लेबाजी की. भारतीय गेंदबाजों ने कैरेबियाई सूरज की गर्मी में लगातार मेहनत की, लेकिन विकेट मिलना मुश्किल था और धैर्य की लगातार परीक्षा हो रही थी.

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गांगुली ने सभी 11 खिलाड़ियों से कराई गेंदबाजी

जिस बात ने इस टेस्ट को सच में ऐतिहासिक बनाया, वह था खेल के सबसे लंबे फॉर्मेट में शायद ही कभी देखा जाने वाला एक मजेदार पल. मैच में सभी 11 भारतीय खिलाड़ियों ने गेंदबाजी की. जब पिच विशेषज्ञ गेंदबाजों को भी मदद नहीं कर रही थी, तो कप्तान सौरव गांगुली ने हर संभव विकल्प आजमाया. मुख्य तेज गेंदबाजों और स्पिनरों से लेकर पार्ट-टाइम गेंदबाजों और यहां तक ​​कि विकेटकीपर को भी गेंदबाजी का मौका दिया गया. अपने दस्तानों के लिए मशहूर अजय रात्रा को गेंद सौंपी गई, जबकि सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण जैसे नियमित बल्लेबाजों ने भी गेंदबाजी की.

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द्रविड़ ने लिया करियर का इकलौता मैच

सबसे यादगार पल तब आया जब राहुल द्रविड़ ने अपने टेस्ट करियर का एकमात्र विकेट लिया और रिडले जैकब्स को आउट किया. बल्ले से अपनी रक्षात्मक महारत के लिए दुनिया भर में मशहूर द्रविड़ का नाम गेंदबाजी के आंकड़ों में शामिल होना इस मैच को और भी खास बनाता है. यह टेस्ट क्रिकेट इतिहास में सिर्फ तीसरा ऐसा मौका था जब एक टीम के सभी 11 खिलाड़ियों ने एक ही मैच में बॉलिंग की हो. जवागल श्रीनाथ, आशीष नेहरा और जहीर खान जैसे तेज गेंदबाजों के अलावा सौरव गांगुली, सचिन, लक्ष्मण, द्रविड़, वसीम जाफर, शिव सुंदर दास और अजय रात्रा ने बॉलिंग की. अनिल कुंबले तो मुख्य स्पिनर थे ही. जहीर और सचिन तेंदुलकर ने 2-2 विकेट लिए. हैरानी की बात है कि वसीम जाफ ने 2, राहुल द्रविड़ ने 1 और वीवीएस लक्ष्मण ने भी 1 विकेट लिया था. मैच में दोनों टीमें दूसरी पारी में बल्लेबाजी नहीं कर पाईं. मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ.

 



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