MP में बारिश से नुकसान, फिर खुश क्यों हैं बुंदेलखंड के किसान? जानें ‘अन्न वर्षा’ का फंडा और मौसम का अलर्ट

MP में बारिश से नुकसान, फिर खुश क्यों हैं बुंदेलखंड के किसान? जानें ‘अन्न वर्षा’ का फंडा और मौसम का अलर्ट


Sagar News: एक तरफ मध्य प्रदेश में बारिश की वजह से किसानों को खासा नुकसान हुआ है, वहीं सागर सहित बुंदेलखंड में बारिश से किसान खुश हैं. उनका कहना है कि बारिश फसलों के लिए महोट है. किसान इसे वर्षा को ‘अन्न वर्षा’ बता रहे हैं. खासकर जिन किसानों के पास सिंचाई के लिए पानी बहुत कम हो गया था या पानी की उपलब्धता नहीं है, उनके लिए तो यह बारिश अमृत बनकर बरसी है. बारिश से किसानों का मानना है कि 20% उत्पादन बढ़ जाएगा. छोटे ओले गिरने की वजह से नुकसान की संभावना कम होती है, इससे फायदा ज्यादा होता है.

मौसम विभाग ने चेताया
बता दें, सागर में बीती रात करीब ढाई घंटे तक बारिश हुई थी. करीब 1 इंच बारिश रिकार्ड की गई. इतना ही नहीं, जिले की 11 तहसीलों और संभाग के 6 जिलों में आधा इंच से लेकर डेढ़ इंच तक बारिश दर्ज हुई है. मौसम विभाग के अनुसार, फरवरी के पहले सप्ताह तक संभाग के सभी जिलों में बारिश का येलो अलर्ट रहेगा. क्योंकि, 30 जनवरी से वेस्ट डिस्टरबेंस बनने की वजह से अगले एक-दो दिन में बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी.

बारिश से नाइट्रोजन की पूर्ति
सागर में कुछ जगहों पर ओलावृष्टि भी हुई. लेकिन, चना के आकार के ओले गिरने की वजह से इसमें नुकसान की संभावना बहुत कम होती है. कृषि वैज्ञानिक का कहना है कि इस बारिश से नाइट्रोजन की पूर्ति होती है, इसलिए यह किसानों के लिए लाभकारी है. सागर के मौसम वैज्ञानिक विवेक छलोत्रे ने 29 और 30 जनवरी को मावठा गिरने की संभावना जताई है. वहीं, सागर कृषि विभाग के उपसंचालक राजेश त्रिपाठी ने बताया, इस बारिश के पानी से फसल को नाइट्रोजन की पूर्ति होगी, जिससे गेहूं की फसल और संभल जाएगी. जिले के ज्यादातर स्थानों पर तेज बारिश हुई है. गेहूं की फसल के लिए बारिश फायदेमंद है. एक सिंचाई का पानी बच गया. चना में फूल व मसूर में फलियां लग गई हैं.

फरवरी के पहले सप्ताह में बारिश का अनुमान
इधर, बारिश होने से अधिकतम तापमान में 5 डिग्री की गिरावट देखने को मिली तो न्यूनतम तापमान में भी ढाई डिग्री की गिरावट आई है. अभी अधिकतम तापमान में दो डिग्री की गिरावट और देखने को मिल सकती है. मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाली हवाएं आपस में टकराएंगी, जिससे मध्य प्रदेश में बादल बनेंगे. सागर सहित कुछ जिलों में फरवरी के पहले सप्ताह में बारिश और हल्की ओला दृष्टि होने का अनुमान है. अगर बारिश होती है तो यह किसानों की फसलों के लिए फायदेमंद होगी. अगर ओलावृष्टि होती है तो यह मुश्किलें बढ़ा सकती है. बारिश होने से न्यूनतम और अधिकतम तापमान में भी जबरदस्त गिरावट देखने को मिलेगी, जिससे एक बार फिर कड़ाके की ठंड और कोहरा हो सकता है.

किसानों ने बताया कितना फायदा
वहीं, किसान नाथू सिंह का कहना है कि अभी गेहूं की फसल में झंडा बाल (बालियां) निकल रही है इस दौरान पानी की सबसे ज्यादा आवश्यकता होती है और इस समय पर बारिश हुई है तो यह किसानों के लिए अन्ना वर्षा हुई हैं. राजा राम रजक का कहना है कि सागर और बुंदेलखंड में नवंबर महीने में बुवाई होती है ऐसे में सभी फैसले 80-90 दिन की होने वाली है. सभी में बालियां आ रही हैं, जिनके पास पानी नहीं है, उनको तो बहुत ज्यादा फायदा मिला है. क्योंकि, उनकी एक सिंचाई हो गई साथ ही इस बारिश होने की वजह से सरकार की लाखों रुपए की बिजली भी बच गई.



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