दैनिक भास्कर वार्ड टॉक: एमआईसी सदस्य और वार्ड 47 के पार्षद नंदकिशोर पहाड़िया से सीधी बात – Indore News

दैनिक भास्कर वार्ड टॉक:  एमआईसी सदस्य और वार्ड 47 के पार्षद नंदकिशोर पहाड़िया से सीधी बात – Indore News




इंदौर के हर वार्ड में क्या सच में विकास हो रहा है और जनता उसे कैसे देखती है? इसका जवाब तलाशने के लिए दैनिक भास्कर ने शुरू की है खास सीरीज ‘वार्ड टॉक’। इस सीरीज में हम हर वार्ड के पार्षद के दावों के साथ जनता की राय, अधूरे काम और आगे की जरूरतों को सामने रखेंगे। आज एपिसोड में हम पहुंचे हैं वार्ड 47, जहां से पार्षद हैं नंद किशोर पहाड़िया। क्या काम पूरे हुए, क्या बाकी हैं, और जनता 10 में से कितने नंबर देती है- आज का पार्षद में देखिए काम का पूरा हिसाब। सवाल: आपके वार्ड में सबसे बड़ी उपलब्धि आपकी क्या रही?
जवाब: मेरा वार्ड बस्ती बाहुल क्षेत्र का वार्ड है। यह ऐसा वार्ड रहा है कि जहां कभी भारतीय जनता पार्टी जीती ही नहीं, एक समय। मैं 2004 में यहां निर्दलीय जीता था और मेरे वार्ड की मूलभूत सुविधाओं की जो व्यवस्थाएं थी, जब से मैं पार्षद हूं, हमारे विधायक जी के माध्यम से, हमारे महापौर जी के माध्यम से, मैं मूलभूत सुविधाओं को पूरी तरह से लोगोंको संतुष्ट कर पा रहा हूं। यहां की सबसे बड़ी समस्या जो है, एक शिक्षा के क्षेत्र में, और खेलों के लिए है।
मैं एक कार्य कर रहा हूं जो यहां पर जितने भी हमारे शासकीय विद्यालय हैं, घटता हुआ स्तर जो हमारे शासकीय विद्यालय का है, जहां बच्चों की लगातार संख्या कम हो रही है, तो मैं बच्चों को लालायित करने के लिए या उनके खेलने के लिए हर स्कूल में यहां ग्राउंड बना रहा हूं, जिससे कि शासकीय विद्यालयों का स्तर बढ़े, शिक्षा का स्तर बढ़े। नशाखोरी के लिए और हमारे क्षेत्र के जो युवा बच्चे हैं, वो बहुत जल्दी आकर्षित होते हैं तो कहीं ना कहीं उनको खेलने के मैदान मिलेंगे, तो मेरा ऐसा सोचना है कि उनकी बुद्धि का तो विकास होगा ही और शारीरिक रूप से भी उनका विकास होगा। मेरा यह पहला प्रयास रहेगा कि शिक्षा और खेल हमारे लिए बहुत ही जरूरी पहलू है इस बस्ती के लिए। सवाल: आपके वार्ड का कौन सा काम अधूरा है और उसे कैसे पूरा करेंगे?
जवाब: मैंने बताया कि मेरा वार्ड बहुत ही पॉश इलाक से भी जुड़ा हुआ है और बड़ी बड़ी यहां चार बस्तियां हैं। यहां पर कोई भी एक ऐसा सामुदायिक भवन नहीं था अभी तक के जिसमें आठ से दस हजार लोगों के बैठने की एक व्यवस्था हो। तो मैंने एक यहां पर मालवा मिल कम्युनिटी हॉल के जीर्णोद्धार का एक बीड़ा उठाया है, जिसकी अभी हमने शुरुआत की है। मैंने नेहरू पार्क में स्विमिंग पूल को नए सिरे से बनाने का कार्य किया जो चार करोड़ रुपए की लागत से लगभग बनने जा रहा है।
उसी कड़ी में मैंने स्वामी विवेकानंद और हमारे जो वाल्मीकि मंदिर विद्यालय में पचास लाख रुपए की लागत से दोनों जगह में खेल के ग्राउंड डेवलप कर रहा हूं।शिक्षा के लिए, जिससे कि हम देखते हैं कि मूलभूत सुविधाओं से बहुत अभाव रहता है। छोटे-छोटे परिवार हैं, दस बाय दस के घरों में बच्चे पढ़ाई नहीं कर पाते हैं, तो मैं यहां पर एक ग्रंथालय का निर्माण कर रहा हूं, लाइब्रेरी बनाने जा रहा हूं, जिससे कि बच्चों को बैठकर शिक्षा के लिए एक स्थान मिल सके। उसकी हमारी तैयारी चल रही है। लगातार मैं प्रयास कर रहा हूं कि जो भी मेरे अधूरे काम हैं, उनको पूर्ण करूं। सवाल: आपने क्या नया प्रयोग किया और किस प्रकार के बदलाव देखने को मिले?
जवाब: देखिए, मेरे इस कार्यकाल की बहुत बड़ी उपलब्धि यह रही कि बारह सौ लोगों का एक क्षेत्र है, हमारे वहां वाल्मीकि बस्ती छप्पन दुकान के पीछे, जिनके कारण हमारा शहर लगातार आठ बार स्वच्छता में प्रथम आया है। मैं चुनाव जीता था, तो वहां की स्थिति इतनी दयनीय थी कि वहां सड़कें, वहां सुलभ, वहां नर्मदा की लाइन, ड्रेनेज लाइन, धर्मशाला और गार्डन या तो थे नहीं या बुरी स्थिति में थे। उस समय मुझे वहां से मात्र अड़तालीस वोट मिले थे। तो मैंने एक बहुत बड़ा बदलाव देखा कि मैंने उस वाल्मीकि बस्ती में काम किया तो आज हमारे विधायक जी को, हमारे सांसद जी को वहां उससे दस गुना से ज्यादा अधिक मत मिले तो मैंने उन लोगों की सेवा की, जिन्होंने हमारे शहर को चार चांद लगाए।
हमारे शहर का जिन्होंने पूरे देशभर में नाम रोशन किया है। तो एक बहुत बड़ा बदलाव मैंने देखा है कि जहां लोग नहीं पहुंचते, जिनका आप कार्य नहीं कर पाते हो, जिनकी सेवा नहीं कर पाते हो, तो सेवा कार्य एक ऐसी चीज है। हमारा भारतीय जनता पार्टी का तो एक ही उद्देश्य रहता है कि अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक की सेवा करें। तो मुझे हमारे विधायक जी से भी यह प्रेरणा मिलती है कि हम समय पर पहुंचें और सभी की सेवा करें। तो एक बहुत बड़ा बदलाव है। कहीं ना कहीं हमने देखा है कि दस गुना से ज्यादा परिवर्तन हम लेकर आए तो कहीं ना कहीं लोगों का मन बदलने के लिए हमें उनकी सेवा करना बहुत जरूरी होता है। सवाल: आपके वार्ड के कौन से ऐसे इलाके हैं, जिनमें काम नहीं हो पाया? जवाब: देखिए, यह मेरी एक दिली प्राथमिकता रही है। चूंकि मैं लगातार लोगों के बीच रहता हूं, इसलिए मुझे क्षेत्र की समस्याओं का प्रत्यक्ष अनुभव होता है। इस इलाके में पानी की समस्या लंबे समय से एक गंभीर विषय रही है। चाहे गोमा की फेल हो, पंचन की फेल हो, वाल्मीकि बस्ती हो, दुबे का बगीचा हो या रेस कोर्स रोड। इन सभी क्षेत्रों में वर्षों से जल संकट बना हुआ है। इसी समस्या के समाधान के लिए विधायक महेंद्र हड़िया द्वारा मुझे पांच करोड़ रुपए की राशि उपलब्ध कराई गई है। इस राशि से रेस कोर्स रोड पर सविता मैडम के निवास के पास एक स्थान पर पानी की टंकी का निर्माण किया जाना है, ताकि पूरे क्षेत्र को पर्याप्त और नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। लेकिन दुर्भाग्यवश, दो-तीन लोगों ने इसका विरोध किया और बिना किसी सार्वजनिक चर्चा के कोर्ट से स्टे ले आए। मैं आपके माध्यम से ऐसे लोगों से अपील करना चाहता हूं कि अच्छे और जनहित के कार्यों में बाधा डालना उचित नहीं है। व्यक्तिगत स्वार्थ के कारण यदि कुछ लोग आगे आते हैं और उसके चलते हजारों परिवारों को पानी जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित रहना पड़े, तो यह चिंताजनक है। मेरा उद्देश्य स्पष्ट है। इस पानी की टंकी का निर्माण जल्द से जल्द पूरा कराया जाए, ताकि हमारे क्षेत्र के लोगों को स्वच्छ पेयजल मिल सके। जब नागरिक टैक्स देते हैं और पानी के लिए भुगतान करते हैं, तो यह हमारी जिम्मेदारी और फर्ज बनता है कि उन्हें सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। सवाल: आने वाले छह महीने का आपका रोड मैप क्या है?
जवाब: देखिए, आने वाले छह महीनों में कुछ ऐसे कार्य चल रहे हैं, जिनसे इस वार्ड को एक आदर्श वार्ड के रूप में जाना जाएगा। जिस सड़क पर आप अभी खड़े हैं, उसका निर्माण हाल ही में कराया गया है। यहां डिवाइडर बनाया गया है और स्ट्रीट लाइटिंग की व्यवस्था की गई है। मेरा प्रयास है कि हमारा वार्ड सभी बुनियादी सुविधाओं से युक्त हो। जो कार्य अभी अधूरे हैं-चाहे वह गार्डन हों या संजीवनी केंद्र- उनकी ओपनिंग बहुत जल्द की जाएगी। मेरा उद्देश्य है कि हमारा वार्ड स्वच्छता सहित हर क्षेत्र में नंबर-वन बने। वार्ड में स्वच्छता के साथ-साथ पक्की सड़कें हों, सभी जगह पर्याप्त रोशनी हो, और उद्यानों में लोगों के बैठने-उठने की बेहतर व्यवस्था के साथ हरियाली विकसित की जाए। इन सभी बिंदुओं पर लगातार काम किया जा रहा है। आने वाले छह महीनों में आप स्वयं देखेंगे कि वार्ड में कई ऐसी उपलब्धियां होंगी, जो पूरे शहर में मिसाल बनेंगी। चाहे वह स्विमिंग पूल हो, पढ़ाई के लिए ग्रंथालय हो या खेलों के लिए विकसित किए जा रहे ग्राउंड। ये सभी सुविधाएं न केवल इंदौर बल्कि पूरे मध्य प्रदेश में एक अनूठा उदाहरण होंगी। विशेष रूप से शासकीय विद्यालयों में खेलों को लेकर एक नई पहल की जा रही है। पहले जहां खेल के लिए केवल एक पीरियड होता था, उसे फिर से प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। जिन बच्चों को खेल के मैदान नहीं मिल पाते थे, उन्हें अब ग्राउंड और खेल सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। मेरा निरंतर प्रयास है कि यह वार्ड हर दृष्टि से एक आदर्श बने। मैं लगातार इसी दिशा में काम कर रहा हूं और आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम आपको स्पष्ट रूप से देखने को मिलेंगे।



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