खंडवा. मध्य प्रदेश के खंडवा शहर के एक छात्र ने ऐसा जुगाड़ कर दिखाया है, जिसकी अब हर तरफ चर्चा हो रही है. कम उम्र में इस छात्र ने सड़क हादसों को रोकने के लिए एक ऐसा स्मार्ट हेलमेट बनाया है, जो न सिर्फ शराब पीकर गाड़ी चलाने से रोकेगा बल्कि बाइक चोरी जैसी बड़ी समस्या का भी समाधान करेगा. हम बात कर रहे हैं खंडवा के सत्यम कलम की, जो फिलहाल इंदौर के एक निजी कॉलेज में रोबोटिक इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं. सत्यम ने 1400 रुपये की लागत में एक स्मार्ट हेलमेट तैयार किया है, जिसमें कई ऐसे फीचर हैं, जो आमतौर पर महंगे सिस्टम में देखने को मिलते हैं. इस हेलमेट की सबसे बड़ी खासियत है इसमें लगाया गया एल्कोहल सेंसर. अगर कोई व्यक्ति शराब पीकर हेलमेट पहनता है, तो यह सेंसर तुरंत शराब की गंध पकड़ लेता है और फिर दोपहिया वाहन स्टार्ट ही नहीं होता है. इसका मतलब है कि शराब पीकर वाहन चलाने पर पूरी तरह रोक लग जाती है. इतना ही नहीं, अगर कोई बिना हेलमेट पहने वाहन स्टार्ट करने की कोशिश करेगा, तब भी वह चालू नहीं होगा. वाहन तभी स्टार्ट होगा, जब हेलमेट उसकी रेंज में मौजूद रहेगा. इससे हेलमेट पहनना भी अनिवार्य हो जाएगा.
सत्यम ने हेलमेट में एंटी-थेफ्ट सिस्टम भी लगाया है. अगर वाहन की चाबी लगी रह जाए या कोई उसे चोरी करने की कोशिश करे, तो जब तक हेलमेट पास नहीं रहेगा, वाहन स्टार्ट नहीं होगा. इस फीचर से वाहन चोरी की घटनाओं पर भी लगाम लगेगी. यह स्मार्ट हेलमेट सेल्फ चार्जिंग सिस्टम से लैस है. इसे मोबाइल चार्जर से भी चार्ज किया जा सकता है. इसमें सोलर पैनल भी लगाया गया है, जिससे यह धूप में खुद चार्ज हो जाता है.
हेलमेट बनाने में एक साल की मेहनत
सत्यम लोकल 18 को बताते हैं कि उन्होंने यह हेलमेट 10वीं कक्षा में रहते हुए बनाना शुरू किया था. स्कूल के दिनों में ही उन्होंने इस पर लगातार मेहनत की. करीब एक साल की मेहनत के बाद जब वह 11वीं में थे, तब यह हेलमेट पूरी तरह तैयार हुआ. बाद में कॉलेज में जाकर उन्होंने इसमें नए-नए फीचर जोड़े. वह बताते हैं कि बचपन से ही वह सड़क हादसों की खबरें देखते आ रहे थे. रोज कहीं न कहीं एक्सीडेंट, मौत और परिवार उजड़ने की खबरें सुनकर उनके मन में यह सवाल आता था कि आखिर इसे रोका कैसे जाए. इसी सोच से उन्हें यह आइडिया आया.
बाजार में लॉन्च करना चाहते हैं हेलमेट
सत्यम आगे बताते हैं कि भारत में हर साल लाखों लोग सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाते हैं. अगर यह हेलमेट आम लोगों तक पहुंच जाए, तो बड़ी संख्या में हादसों को रोका जा सकता है. वह इस हेलमेट को बाजार में लॉन्च करना चाहते हैं और इसे कम कीमत में आम लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं. उन्होंने कई नेताओं और अधिकारियों से मदद भी मांगी लेकिन फिलहाल सिर्फ आश्वासन ही मिला है. अगर सरकार और सिस्टम साथ दे, तो यह हेलमेट हजारों लोगों की जान बचा सकता है. उन्होंने अपनी तरफ से पहल कर दी है, अब जरूरत है सहयोग की.