Road Safety Awareness: मध्य प्रदेश के रीवा के ट्रैफिक विभाग में पदस्थ अखिलेश कुशवाहा यातायात नियमों को लेकर काफी सख्त हैं. खास कर दो पहिया वाहन चलाने वालों पर उनकी नजर रहती है. जिसको लेकर टू व्हीलर वालों की नजर में वो अखिलेश को काफी सख्त पुलिस वाला भी मानते हैं, लेकिन टू व्हीलर चलाने वालों पर अखिलेश की कड़ाई की एक बड़ी वजह है, जिसको जानने के बाद हर व्यक्ति अखिलेश का मुरीद हो जाता है.
बाइक चलाने के दौरान सिर पर हेलमेट कितनी जरूरी है, ये बात रीवा में पदस्थ ट्रैफिक सूबेदार अखिलेश कुशवाहा इन दिनों हर किसी को बता रहे हैं. अखिलेश कुशवाहा का कहना है कि हेलमेट जिंदगी बचाने के लिए काफी है. हेलमेट से होने वाली मौत के कारण लोगों का घर उजड़ जाता है. यही वजह है कि ट्रैफिक सूबेदार अखिलेश कुशवाहा लगातार अभियान चलाकर, खुद के पैसे से खरीदे हुए हेलमेट लोगों में बांटते हैं.
अखिलेश कुशवाहा मुख्य रूप से सतना जिले के रहने वाले हैं 2015 में उन्होंने मध्यप्रदेश पुलिस में बतौर सुबेदार जोइन हुए. उनके जीवन में हुए एक हादसे ने सुबेदार अखिलेश को झकझोर कर रख दिया था और वो हदसा था पिता की मौत, जो एक एक्सीडेंट में हुई थी. इस हादसे में अखिलेश का पूरा परिवार बिखर गया था.
15 साल पहले हुई थी पिता की एक्सीडेंट में मौत
यातायात थाने में पदस्थ सूबेदार अखिलेश कुशवाहा के पिता रामविश्वास कुशवाहा का 16 जुलाई 2010 को सतना के माधवगढ़ में बस की टक्कर से निधन हो गया था. वे नियमित हेलमेट लगाते थे, लेकिन जिस दिन यह घटना हुई तो वे हेलमेट घर में भूल गए थे. उनके पूरे शरीर में कहीं भी चोट नहीं आई थी. मात्र सिर में चोट की वजह से स्पाट में उनका निधन हो गया. जब लोग उन्हें हॉस्पिटल लेकर पहुंचे तो डाॅक्टर ने कहा कि इनके सिर पर अगर हेलमेट होता तो इनकी जान बच सकती थी. डाॅक्टर के इन शब्दों ने अखिलेश को झकझोर कर रख दिया. इस घटना के बाद से सूबेदार बेटे ने हेलमेट को मुहिम बना लिया और पिता की पुण्य तिथि पर मुख्य रूप से लोगों को हेलमेट बांटते हैं. अब हर बाइक सवार को हेलमेट पहनने की समझाइश देते हैं.
हर व्यक्ति अपने जीवन में घटित अनुभवों के आधार पर बहुत कुछ सीखता है. अखिलेश कुशवाहा भी उनमें से एक हैं. 15 साल पहले उनके जीवन में भी इस एक घटना, जिसमें उनके पिता विश्वास कुशवाहा की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी. 16 जुलाई, 2010 की उस घटना को याद कर ट्रैफिक सूबेदार अखिलेश कुशवाहा आज भी भावुक हो जाते हैं. इनके पिता विश्वास कुशवाहा हमेशा हेलमेट लगाते थे, लेकिन उस दिन उनसे चूक हो गई, वो बिना हेलमेट ही बाइक से निकल गए और बस की चपेट में आ गए. हेलमेट न होने से सिर पर गंभीर चोट आई और मौत हो गई.
सूबेदार अखिलेश कुशवाहा ने 13 साल पहले सड़क हादसे में पिता को खोया. सतना में हुई यह घटना अखिलेश को झकझोर गई. तब से उन्होंने यह प्रण किया कि लोगों को जागरूक करेंगे कि दुपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट जरूर लगाएं. अब औरों की जिंदगी बचाने के लिए हेलमेट बांट रहे हैं. उनके पिता ने सिर पर चोंट लगने से जान गवाई, हेलमेट न लगाने की वजह से हुई पिता की मौत को अधिकारी भूल नहीं पाए. अब वो रोजाना लोगों से हेलमेट लगाने की अपील करते हैं. पिता को खोने के बाद बेटा चाहता है कि किसी और परिवार को इस तरह का जख्म न मिले. अब तक सुबेदार अखिलेश ने सैकड़ो लोगों को अपने पैसे से हेलमेट बांट चुके हैं.
दुख हमने सहा, वह दूसरा न सहे
सूबेदार अखिलेश कुशवाहा ने बताया कि जो दु:ख हमने सहा है वह कोई दूसरा न सहे इसके लिए हम हर साल हेलमेट बांटते हैं. प्रतिदिन जब वाहन चेकिंग करते हैं तो बाइक सवारों को हेलमेट का महत्व बताकर उनको अनिवार्य रूप से इसे लगाकर वाहन चलाने की समझाईश देते है. एक छोटी सी लापरवाही में जब कोई अपना साथ छोड़कर चला जाता है तो उसका दर्द पूरा परिवार जिंदगी भर सहता है.
ट्रैफिक इंचार्ज अखिलेश जिन्हें हेलमेट देते हैं उनका नाम, मोबाइल नंबर एवं पता भी लिखते हैं. जिससे भविष्य में उनसे चर्चा की जा सके कि वह हेलमेट लगाकर चलते हैं या नहीं और लोगों को जागरूक कर रहे हैं या नहीं. उन्होंने कहा कि चाहे कितनी भी दूरी जाना हो हेलमेट अवश्य लगाएं. अगर आपके साथ कोई अनहोनी हो जाती है तो आपका पूरा परिवार बिखर जाता है, इसलिए हेलमेट लगाकर चलें.