बैतूल जिले के भीमपुर विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत डोक्या के आश्रित गांव मेंढा में पिछले एक सप्ताह से बिजली आपूर्ति ठप है। लगातार ब्लैकआउट के कारण गांव में गंभीर पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है। ग्रामीण अब नदी-नालों में जमा बरसात का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं, जिसके परिणामस्वरूप गांव में उल्टी और बुखार जैसी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्युत वितरण कंपनी के कर्मचारियों ने बिना किसी ठोस कारण के गांव की बिजली काट दी है। अंधेरे में डूबे गांव में न केवल पेयजल व्यवस्था चरमरा गई है, बल्कि बच्चों की पढ़ाई भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। मोबाइल नेटवर्क और चार्जिंग की सुविधा न होने से लोगों को आपात स्थिति में संपर्क साधना भी मुश्किल हो गया है। नल-जल योजना की आपूर्ति भी बंद
समाजसेवी मनोहर अग्रवाल ने बताया कि गांव की आबादी लगभग दो हजार है। यहां जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाई गई है, लेकिन उससे पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली कंपनी ने पंचायत का कनेक्शन बकाया बिल के कारण काटा है, जिससे नल-जल योजना की आपूर्ति भी बंद हो गई है। अब ग्रामीणों को करीब डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित नाले से पानी लाना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन और बिजली विभाग से तत्काल आपूर्ति शुरू करने की मांग की है ताकि स्थिति को और बिगड़ने से रोका जा सके। जिम्मेदार बोले- आज बिजली जोड़ दी जाएगी
बता दें कि यह गांव विद्युत वितरण भैंसदेही केंद्र के तहत आता है। मेंढ़ा गांव का प्रभारी कनिष्ठ यंत्री दीपक सोलंकी के पास है। उन्होंने बताया कि वे गांव ही जा रहे हैं। इस गांव के उपभोक्ताओं पर शत प्रतिशत बिजली बिल भुगतान की राशि शेष है। इसलिए पूरे गांव की बिजली चार दिन पहले काटी गई है। यहां जल जीवन मिशन का बिजली कनेक्शन भी नया दिया गया है, गांव की बिजली काटने से यह कनेक्शन भी बंद हैं। यहां 113 उपभोक्ताओं पर 7 लाख 13 हजार की राशि बकाया है। जेई ने बताया कि वैसे ग्रामीण साल भर की इकट्ठा राशि मार्च माह में ही जमा करते रहे हैं। अभी उनसे थोड़ी थोड़ी राशि एकत्रित कर आज बिजली जोड़ दी जाएगी।
Source link