जबलपुर में दो दिवसीय एआई कॉन्फ्रेंस: प्रिंसिपल ने कहा- एआई से रोजगार, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्रों में आएगा व्यापक बदलाव – Jabalpur News

जबलपुर में दो दिवसीय एआई कॉन्फ्रेंस:  प्रिंसिपल ने कहा- एआई से रोजगार, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्रों में आएगा व्यापक बदलाव – Jabalpur News




जबलपुर में मध्यप्रदेश काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (एमपीसीएसटी) और सेंट अलाॅयसियस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के संयुक्त तत्वावधान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने एआई के वर्तमान और भविष्य के उपयोगों पर व्याख्यान दिए, जबकि विद्यार्थियों ने शोध पत्र प्रस्तुत किए। महाविद्यालय की प्रिंसिपल डॉ. रेनू पांडे ने कहा कि एआई भविष्य में रोजगार, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्रों में व्यापक बदलाव लाएगी। उन्होंने एआई के पांच फायदे और पांच नुकसान भी बताए। डॉ. पांडे ने बताया कि रोजगार के क्षेत्र में एआई कुछ पारंपरिक नौकरियों को कम कर सकता है, लेकिन साथ ही डेटा एनालिस्ट, एआई इंजीनियर, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ और टेक्नोलॉजी मैनेजर जैसी नई संभावनाएं भी पैदा करेगा। ऑटोमेशन के कारण कर्मचारियों को नए कौशल सीखने की आवश्यकता होगी। स्वास्थ्य के क्षेत्र में एआई बीमारी की प्रारंभिक पहचान, सटीक निदान, रोबोटिक सर्जरी और मरीजों की निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे इलाज अधिक तेज, सटीक और किफायती होगा, साथ ही टेलीमेडिसिन के माध्यम से दूर-दराज़ क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच सकेंगी। शिक्षा के क्षेत्र में एआई व्यक्तिगत सीखने को बढ़ावा देगा। छात्रों की क्षमता के अनुसार पाठ्यक्रम, ऑनलाइन ट्यूटर, वर्चुअल क्लासरूम और स्मार्ट मूल्यांकन प्रणाली से शिक्षा अधिक प्रभावी बनेगी। कांफ्रेंस में सेंट अलॉयसियस कॉलेज सदर की छात्रा शिवांगी कुररिया और हर्षा जाटव ने मधुमेह (डायबिटीज) के उपचार में एआई के उपयोग पर एक शोध पत्र प्रस्तुत किया। इस अवसर पर प्रोफेसर डॉ. राकेश बाजपेई (रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर), डॉ. जे. बेन एंटॉस रोज (प्रिंसिपल, सेंट अलॉयसियस कॉलेज सदर), डायरेक्टर फादर थंकचन जोस सैट, डॉ. रश्मि जायसवाल, डॉ. आराधना धनराज, डॉ. हरकिरात कौर सहित अन्य गणमान्य अतिथि और प्राध्यापक उपस्थित रहे।



Source link