Sports Budget 2026: भारत में युवाओं को नई उड़ान… खेलो इंडिया मिशन हुआ लॉन्च, वित्त मंत्री ने किए बड़े ऐलान

Sports Budget 2026: भारत में युवाओं को नई उड़ान… खेलो इंडिया मिशन हुआ लॉन्च, वित्त मंत्री ने किए बड़े ऐलान


Sports Budget 2026: केंद्र सरकार ने बजट 2026 में खेलों को लेकर बड़ा और दूरगामी ऐलान किया है. देश में खेल प्रतिभाओं को निखारने और भारत को खेलों की वैश्विक ताकत बनाने के उद्देश्य से ‘खेलो इंडिया मिशन’ की शुरुआत की गई है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के ऐलान से यह साफ हो गया है कि मिशन केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जमीनी स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक खेल ढांचे को मजबूत करेगा. सरकार ने साफ किया है कि यह योजना अगले 10 वर्षों तक चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी. इसके तहत आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र, प्रशिक्षित कोच और सपोर्ट स्टाफ, स्पोर्ट्स साइंस व टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल  को बढ़ावा दिया जाएगा. बजट में किए गए इस एलान को देश के खेल भविष्य के लिए एक मजबूत नींव माना जा रहा है.

खेल क्षेत्र के लिए एलान  

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण के दौरान खेल क्षेत्र के लिए कई एलान किए हैं.

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उन्होंने बताया कि अगले दशक में खेलों में बदलाव के लिए खेलो इंडिया मिशन शुरू होगा.

इसके साथ ही खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के अलावा खेल तकनीक को बढ़ावा देने पर भी जोर रहेगा.

वित्त मंत्री ने बताया कि इसके अलावा प्रशिक्षण और खेल इन्फ्रा को विकसित करने पर जोर रहेगा.

टैलेंट की पहचान और आधुनिक प्रशिक्षण केंद्रों पर फोकस

खेलो इंडिया मिशन का पहला और सबसे अहम लक्ष्य देशभर में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान करना है. इसके लिए केंद्र सरकार अलग-अलग राज्यों में विशेष प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करेगी. इन केंद्रों में खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ वैज्ञानिक तरीके से ट्रेनिंग दी जाएगी. स्कूल और कॉलेज स्तर से ही खिलाड़ियों को चुना जाएगा, ताकि कम उम्र में ही उन्हें सही दिशा मिल सके. इन प्रशिक्षण केंद्रों को इस तरह विकसित किया जाएगा कि वे अभ्यास और प्रतियोगिता दोनों के लिए उपयोगी हों. सरकार का मानना है कि मजबूत बुनियादी ढांचा ही भविष्य के चैंपियन तैयार कर सकता है, इसलिए खेल सुविधाओं पर विशेष निवेश किया जाएगा.

कोच, सपोर्ट स्टाफ और स्पोर्ट्स साइंस को मिलेगी मजबूती

इस मिशन के तहत केवल खिलाड़ियों पर ही नहीं, बल्कि कोच और सपोर्ट स्टाफ की गुणवत्ता बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा. सरकार एक व्यवस्थित प्रणाली के तहत कोचों, फिजियो, ट्रेनर और अन्य सपोर्ट स्टाफ को प्रशिक्षित करेगी. इसके साथ ही स्पोर्ट्स साइंस और टेक्नोलॉजी को खेलों से जोड़ा जाएगा. खिलाड़ियों की फिटनेस, रिकवरी, डाइट और प्रदर्शन विश्लेषण के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल होगा. डेटा-आधारित ट्रेनिंग से खिलाड़ियों की कमजोरियों को पहचाना जाएगा और उन्हें बेहतर बनाया जाएगा. इससे भारतीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ज्यादा प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे.

 

 

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प्रतियोगिताएं, लीग और मजबूत खेल ढांचा बनेगा आधार

खेलो इंडिया मिशन के तहत देश में विभिन्न खेलों की प्रतियोगिताओं और लीग को बढ़ावा दिया जाएगा. इससे खिलाड़ियों को नियमित तौर पर खेलने का मौका मिलेगा और उनका अनुभव बढ़ेगा. अलग-अलग खेलों के लिए घरेलू लीग तैयार की जाएंगी, ताकि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को पहचान और मंच मिल सके. सरकार खेल ढांचे को इस तरह विकसित करेगी कि प्रशिक्षण और प्रतियोगिता दोनों सुचारु रूप से हो सकें. अगले 10 वर्षों में यह मिशन भारत के खेल तंत्र को पूरी तरह बदलने का काम करेगा और देश को एक मजबूत स्पोर्टिंग नेशन बनाने की दिशा में अहम कदम साबित होगा.





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