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महाशिवरात्रि पर बागेश्वर धाम में कन्या विवाह महोत्सव आयोजित होने जा रहा है, लेकिन इससे पहले ही पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने वर-वधु को लहंगा, चुनरी और अन्य सामग्री भेंट की और उन्होंने बहू को बेटियों की तरह रखने की सलाह दी. उन्होंने यह भी बताया है कि इस बार वर और वधू के नाम से संयुक्त रूप से 30 हजार की एफडी कराई जाएगी.
रिपोर्ट-एनएस परमार/छतरपुर
करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र बागेश्वर धाम में महाशिवरात्रि को सप्तम कन्या विवाह महोत्सव आयोजित हो रहा है. इस महोत्सव में 300 बेटियों को परिणय सूत्र में बांधा जाएगा. रविवार को वर और वधू पक्ष को बुलाकर शुरुआती सामग्री भेंट की गई. बागेश्वर महाराज ने कहा कि यह बेटियां अब बालाजी की बेटियां हो गई है. इनका विवाह धूमधाम से किया जाएगा. देश भर के संत, महात्मा, राजपीठ, व्यास पीठ के लोगों के सानिध्य में बेटियां विवाह बंधन में बंधेंगी.
अथक परिश्रम के बाद 300 बेटियों को किया सूचीबद्ध
बागेश्वर धाम की तरफ से बताया गया है कि सर्वे टीम ने अथक परिश्रम कर पांच सैकड़ा से अधिक अति निर्धन, अनाथ, मातृहीन, पितृहीन बेटियों में से 300 बेटियों को विवाह के लिए सूचीबद्ध किया है. पांच सैकड़ा से अधिक बेटियां विवाह की पात्रता रखती थीं, लेकिन बागेश्वर धाम वर्तमान में सिर्फ 300 बेटियों को विवाह बंधन में बांधने की सामर्थ्य रखता है इसलिए इन बेटियों को चुना गया है. सभी को मंगल आशीर्वाद देते हुए कहा कि जो बेटियां दूर से आने वाली हैं वह 14 फरवरी को आ जाएं. बागेश्वर महाराज ने सर्वे टीम सहित व्यवस्था संभालने वाले परिकर की मुक्त कंठ से सराहना की.
भोजन की भी रखी गई है व्यवस्था
वर एवं वधू पक्ष को जो महत्वपूर्ण पास दिए गए हैं उनमें वधू पक्ष के वाहनों के लिए दो पास एवं वधू के लिए एक कार्ड दिया गया है. इसी तरह वर पक्ष के वाहनों के लिए दो पास एवं उपहार ले जाने के लिए एक उपहार वाहन पास दिया गया है. साथ ही वर के लिए कार्ड दिया गया है. वर तथा वधू पक्ष के 25-25 सदस्यों के लिए भोजन के कूपन भी उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि वे आसानी से भोजन प्राप्त कर सके.