डॉ. कलाम जैसी कहानी! स्कूल के बाद शाम को अखबार बेचता है 9 साल का सुहैल, सपना सुनकर खुश हो जाएंगे

डॉ. कलाम जैसी कहानी! स्कूल के बाद शाम को अखबार बेचता है 9 साल का सुहैल, सपना सुनकर खुश हो जाएंगे


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Inspiring Story: भोपाल के नर्मदापुरम रोड किनारे हर शाम एक बच्च अखबार बेचता दिख जाएगा. ये छोटा पर हौसले से बुलंद हैं. अपने परिवार की मदद तो करता ही है, स्कूल की फीस, पढ़ाई का खर्च भी खुद उठाता है. वह बड़ा होकर डॉक्टर बनना चाहता है. क्यों, इसकी वजह दिलचस्प है.

Bhopal News: अबुल पाकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम यानी Dr. APJ Abdul Kalam को तो सभी जानते हैं. ज्यादातर लोगों को ये भी पता होगा कि गरीबी के कारण उनको बचपन में अखबार बेचने पड़े थे. गरीबी हमेशा सपनों के आड़े आती है. लेकिन, जो डटा रहता है वो सफल हो जाता है. भोपाल में भी एक ऐसी ही कहानी खड़ी होती दिख रही है. यहां 9 साल का एक बच्चा अखबार बेचता है. घर की मदद करता है और बड़ा होकर डॉक्टर बनना चाहता है. उसकी कहानी सुनकर लोग चौंक जाते हैं.

नर्मदापुरम रोड किनारे शाम के समय सुहैल को अखबार बेचते देखा जा सकता है. सोहेल बड़ा होकर डॉक्टर बनना चाहता है. गरीब लोगों का इलाज करना चाहता है. इतना ही नहीं, जब भी कोई उसको कुछ खाने के लिए देता है, तो वह अकेले खाने की जगह अपनी मां के लिए पैक करा लेता है. उसकी मां विकलांग है और पिता घर बनाने का काम करते हैं. मां के प्रति उसका बहुत प्रेम है. वह उनके बिना कुछ नहीं खाता. अपनी पढ़ाई के लिए ऐसे अखबार बेचकर ही पैसे इकट्ठा करता है. फिर फीस जमा करता है.

स्कूल के बाद न्यूजपेपर बेचना मजबूरी
भोपाल के आशिमा मॉल और नर्मदापुरम रोड किनारे लैंडमार्क पर 9 साल का एक बच्चा रोज शाम को स्कूल से आने के बाद न्यूजपेपर बेचता है. सुहैल ने Local18 से बताया कि मेरी मम्मी विकलांग हैं. पापा घर बनाने का काम करते हैं. मैं बड़ा होकर डॉक्टर बनना चाहता हूं, ताकि मरीजों का मुफ्त इलाज कर सकें. उसने उन बच्चों से अपील कि जिन्हें सब सुविधाएं मिलती हैं, कहा, आप माता-पिता के सपने को पूरा करो. सुविधाओं का फायदा लो, जिंदगी बनाओ.

10-20 रुपये उधारी में खरीदकर लाता हूं अखबार
भोपाल की सड़कों पर 9 साल की छोटी उम्र में अखबार बेचने वाले सुहैल ने कहा, मैं सभी उधारी पर तो कभी 10-20 रुपये के न्यूजपेपर खरीद कर लाता हूं और रोज दुकानों पर अखबार बेचता हूं.

रसमलाई मम्मी को पसंद…
लोकल 18 रिपोर्टर ने जब सुहैल को एक मिठाई की दुकान ले गए और पूछने पर कि क्या खाओगे. तब सुहैल ने कहा… मम्मी को रसमलाई पसंद है. आप रसमलाई पैक करा दो. मैं अकेले नहीं मम्मी के साथ ही खाता हूं.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें

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डॉ. कलाम जैसी कहानी! स्कूल के बाद अखबार बेचता है 9 साल का सुहैल, सपना गजब



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