चिकन खाते-खाते अटक गई सांस! गले में फंसी हड्डी, शाजापुर में डॉक्टर ने ऐसे बचाई जान

चिकन खाते-खाते अटक गई सांस! गले में फंसी हड्डी, शाजापुर में डॉक्टर ने ऐसे बचाई जान


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शाजापुर में चिकन खाते समय 24 वर्षीय युवक कन्हैयालाल के गले में मुर्गे की हड्डी फंस गई. हालत बिगड़ने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे. डॉक्टर तेजपाल सिंह जादौन ने तुरंत दूरबीन सर्जरी कर हड्डी निकाली. समय पर इलाज से युवक की जान बच गई और अब वह खतरे से बाहर है.

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शाजापुर से हैरान कर देने वाली खबर आई है.

शाजापुर. जिले में एक मामूली लापरवाही युवक की जान पर भारी पड़ सकती थी. घर पर आराम से चिकन खाते समय अचानक मुर्गे की हड्डी उसके गले में अटक गई. कुछ ही मिनटों में हालत इतनी बिगड़ी कि सांस लेना और बोलना तक मुश्किल हो गया. मामला गंभीर था और समय पर इलाज नहीं मिलता तो जान भी जा सकती थी. परिजनों ने बिना देर किए युवक को जिला अस्पताल पहुंचाया. यहां डॉक्टरों ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत सर्जरी का फैसला लिया. यही निर्णय युवक के लिए जीवनदायी साबित हुआ और एक बड़ा हादसा टल गया.

शाजापुर जिला अस्पताल में ईएमटी डॉक्टर तेजपाल सिंह जादौन ने जोखिम को समझते हुए बिना वक्त गंवाए दूरबीन तकनीक से ऑपरेशन किया. सावधानीपूर्वक की गई इस प्रक्रिया में गले में फंसी हड्डी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. ऑपरेशन के बाद युवक की हालत तेजी से सुधरी और फिलहाल वह खतरे से बाहर बताया जा रहा है. यह मामला बताता है कि साधारण दिखने वाली घटनाएं भी कितनी खतरनाक हो सकती हैं. यह घटना सिर्फ एक मरीज की नहीं, बल्कि समय पर मेडिकल रिस्पॉन्स की अहमियत को भी दिखाती है.

पूरा मामला क्या है
जानकारी के मुताबिक, शाजापुर जिले के कांजा गांव का 24 वर्षीय युवक कन्हैयालाल अपने घर पर भोजन कर रहा था. इसी दौरान चिकन खाते समय मुर्गे की एक हड्डी उसके गले में फंस गई. कुछ ही पलों में उसे तेज दर्द, सांस लेने में दिक्कत और निगलने में परेशानी होने लगी. स्थिति बिगड़ती देख परिजन घबरा गए और तुरंत उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे.

अस्पताल पहुंचते ही बढ़ी चिंता
जिला अस्पताल में जांच के दौरान डॉक्टरों को पता चला कि हड्डी गले के संवेदनशील हिस्से में फंसी हुई है. अगर थोड़ी भी देर होती तो यह सांस की नली को नुकसान पहुंचा सकती थी. मरीज की हालत लगातार बिगड़ रही थी, इसलिए देरी का कोई विकल्प नहीं था.

डॉक्टर का त्वरित फैसला बना जीवनरक्षक
ईएमटी डॉक्टर तेजपाल सिंह जादौन ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल सर्जरी का निर्णय लिया. दूरबीन तकनीक का इस्तेमाल कर सावधानीपूर्वक ऑपरेशन किया गया. पूरी प्रक्रिया में विशेष सतर्कता बरती गई ताकि गले को कोई अतिरिक्त नुकसान न पहुंचे.

सफल ऑपरेशन के बाद राहत
ऑपरेशन के दौरान गले में फंसी हड्डी को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया गया. इसके बाद मरीज की सांस लेने की समस्या दूर हुई. दर्द में भी तेजी से राहत मिली. डॉक्टरों के अनुसार अब युवक पूरी तरह खतरे से बाहर है और उसकी हालत स्थिर बनी हुई है.

डॉक्टर बना फरिश्‍ता, तुरंत ऑपरेशन कर बचा दी जान 
डॉक्टर तेजपाल सिंह जादौन ने बताया कि मरीज को तेज दर्द और सांस लेने में परेशानी थी. ऐसे मामलों में देरी जानलेवा हो सकती है. समय पर दूरबीन ऑपरेशन कर हड्डी निकालना जरूरी था, जो सफल रहा.

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Sumit verma

सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्‍थानों में सजग जिम्‍मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें

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