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EU-India Deal Benefits: भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच ऐतिहासिक डील से इंदौर को बड़ा फायदा मिलने वाला है. इस डील के तहत यूरोप में निर्यात होने वाले 99.5% उत्पादों पर शून्य आयात शुल्क लगेगा, जिससे उत्पादन और रोजगार बढ़ेंगे. फार्मा, लॉजिस्टिक्स, ऑटोमोबाइल पार्ट्स और छोटे एमएसएमई सेक्टर को सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा. इंदौर की स्ट्रेटेजिक लोकेशन और उपयुक्त क्लाइमेट इसे देश का प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब बना सकते हैं. पीथमपुर इंडस्ट्रियल एरिया से यूरोप तक माल की लागत 30-40% तक कम करने का लक्ष्य रखा गया है.
EU-India Deal Highlights: भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच हुई ऐतिहासिक डील से देश को बड़ा लाभ मिलने वाला है. इस समझौते के तहत यूरोप में निर्यात होने वाले 99.5% उत्पादों पर अब शून्य आयात शुल्क लगेगा. इससे न केवल एक्सपोर्ट बढ़ेगा, बल्कि बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन भी बढ़ेगा, जिससे रोजगार के नए अवसर खुलेंगे. कई सेक्टर्स में एक्सपोर्ट पहले से दोगुना होने की संभावना है.
व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष गौतम कोठारी के अनुसार, इस डील से इंदौर और आसपास के इंडस्ट्रियल सेक्टर्स को बड़ा फायदा होगा. फार्मा, लॉजिस्टिक्स, ऑटोमोबाइल पार्ट्स और छोटे एमएसएमई सेक्टर सबसे ज्यादा लाभान्वित होंगे. यूरोपीय निवेश के बाद इंदौर अमेरिका के ओहियो की तरह लॉजिस्टिक्स हब बन सकता है.
इंदौर की स्ट्रेटेजिक लोकेशन
इंदौर की दिल में बसी ये लोकेशन इसे खास बनाती है. यहां से देश की लगभग 75% आबादी तक 24 घंटे में माल पहुंचाया जा सकता है. साथ ही इंदौर का क्लाइमेट भी लॉजिस्टिक्स के लिए उपयुक्त है, क्योंकि यहां न तो बहुत ज्यादा ठंड पड़ती है और न ही ज्यादा गर्मी. यह कोल्ड स्टोरेज चेन के लिए भी आदर्श स्थान है.
यूरोपीय कंपनियां भारत में रेलवे लिंक, बंदरगाहों के आधुनिकीकरण और हाई-स्पीड डेटा केबल में निवेश कर रही हैं. इस निवेश का बड़ा हिस्सा भारत के डिजिटल कॉरिडोर और ग्रीन शिपिंग नेटवर्क को आधुनिक बनाने में लगेगा. इसका उद्देश्य पीथमपुर और इंदौर से यूरोप तक माल पहुंचाने की लागत को 30-40% तक कम करना है.
भविष्य की उम्मीदें
गौतम कोठारी के अनुसार, इंदौर पहले ही लॉजिस्टिक का बड़ा सेंटर है और अब यूरोपीय निवेश के बाद यह देश का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक्स हब बन सकता है. पीथमपुर इंडस्ट्रियल एरिया से यूरोप को होने वाला एक्सपोर्ट दोगुना होगा. हालांकि अभी यह देखना होगा कि यूरोपीय कंपनियां सीधे इंदौर में लॉजिस्टिक सेंटर बनाती हैं या भारत सरकार को सब्सिडी के रूप में मदद करती हैं.
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Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें