18 साल बाद धोनी का खुला राज, 2008 में CSK ने क्यों लगाया था कप्तान पर दांव

18 साल बाद धोनी का खुला राज, 2008 में CSK ने क्यों लगाया था कप्तान पर दांव


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ipl csk and dhoni: महेंद्र सिंह धोनी सीएसके की कहानी से कितनी गहराई से जुड़े हैं और कैसे सीएसके और धोनी एक-दूसरे के पर्याय बन चुके हैं इसका खुलासा कासी विश्वनाथन ने एक इंटरव्यू में किया. कासी का मानना है कि 2008 की नीलामी में एमएसडी को चुना गया था वह सीएसके के अबतक की सबसे बेहतरीन निवेश साबित हुए हैं.

महेंद्र सिंह धोनी से रिशते पर पहली बार खुल कर बोले कासी विश्वनाथन

नई दिल्ली. ये कहने में कोई गुरेज नीं कि चेन्नई सुपर किंग्स भारत के सबसे ताकतवर खेल ब्रांड्स में से एक है. अपने समर्पित प्रशंसकों की विशाल फौज के साथ जो जहां भी सीएसके खेलती है, वहां माहौल को पीला कर देती है यह फ्रेंचाइज़ी इस बात का बेहतरीन उदाहरण है कि किसी ब्रांड को कैसे खड़ा किया जाता है, कैसे उसे संजोया जाता है और फिर लगातार आगे बढ़ाया जाता है. इसी वजह से मैं महाबलीपुरम में आयोजित तमिलनाडु ग्लोबल टूरिज़्म समिट में सीएसके के सर्वेसर्वा और भारतीय क्रिकेट प्रशासन के सबसे विनम्र चेहरों में से एक, कासी विश्वनाथन के साथ होने वाली फायरसाइड चैट का बेसब्री से इंतज़ार हर कई कर रहा था.

कासी पूरी तरह स्पष्ट, ईमानदार और भावनाओं से भरे हुए थे मंच पर बिताए गए 45 मिनटों के दौरान एक शख्स ऐसा था, जो मौजूद न होते हुए भी हर पल मौजूद था महेंद्र सिंह धोनी. इस बातचीत से साफ जाहिर हुआ कि धोनी सीएसके की कहानी से कितनी गहराई से जुड़े हैं और कैसे सीएसके और धोनी एक-दूसरे के पर्याय बन चुके हैं. 2008 की नीलामी में एमएसडी को चुना गया था वह सीएसके के अबतक की सबसे बेहतरीन निवेश साबित हुए हैं. उस वक्त ज्यादातर टीमों के पास एक आइकन खिलाड़ी था मुंबई के पास सचिन, कोलकाता के पास सौरव, बेंगलुरु के पास राहुल और इसी तरह हमारे पास ऐसा कोई चेहरा नहीं था तब वीबी चंद्रशेखर ने एन श्रीनिवासन से कहा था कि धोनी एक शानदार लीडर साबित होंगेऔर वह कितने सही थे.

कासी की किताब के हर पन्ने में धोनी

कासी विश्वनाथन ने एक किस्सा सुनाते हिए बताया कि 2009 में मैंने एमएसडी से अश्विन के बारे में बात की और उनसे कहा कि दक्षिण अफ्रीका में उन्हें ज़रा देख लें. धोनी ने कहा कि उन्होंने अश्विन को देखा है और जल्द ही उसे मौका मिलेगा. उसके पहले मैच में उसने एक भी ओवर नहीं डाला! बाद में एमएसडी ने उससे कहा कि वह काफी अच्छा है और जल्द ही गेंद उसे मिलेगी. फिर एक सीएलटी20 मैच सुपर ओवर तक गया. मुरली गेंदबाज़ी नहीं करना चाहते थे और अश्विन आगे आए और उन्होंने वह जिम्मेदारी संभाली और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. आज भी जिस तरह एमएसडी ऋतुराज को गढ़ रहे हैं, वह अद्भुत है. शिवम दुबे भी इस बात का उदाहरण हैं कि धोनी ने कैसे खिलाड़ियों को निखारा और भारतीय क्रिकेट को मजबूत किया.

सीएसके के हमेशा रहेंगे धोनी

धोनी को लेकर हॉल में मौजूद सभी की राय लगभग एक जैसी थी तमिलनाडु में बात भाषा या पहचान की नहीं है बात प्रतिभा और अपने काम में उत्कृष्टता की है. मेहनत और उपलब्धियों को सम्मान मिलता है, चाहे आप कहीं से भी आए हों. तो क्या एमएसडी की कहानी आगे भी जारी रहेगी? और सीएसके की महिला टीम कब आएगी ये सवाल जेसे ही पूछा गया कासी मानों बड़ा शॉट खेलने के लिए तैयार बैठे थे. एमएसडी इस सीज़न ज़रूर खेलेंगे और वह हमेशा सीएसके के साथ रहेंगे और हमारा अगला बड़ा कदम महिला क्रिकेट में निवेश करना होगा. इस पर आप पूरी तरह भरोसा रख सकते हैं.

सीएसके में क्रिकेट का मतलब धोनी 

बातचीत के दौरान यह बिल्कुल स्पष्ट था कि ब्रांड सीएसके ने क्रिकेट से जुड़े हर फैसले की जिम्मेदारी धोनी को सौंपी. कासी ने कहा कि सीएसके में हम शुरू से जानते थे कि क्रिकेटर और प्रशासक अलग-अलग तरीके से सोचते हैं. बेहतर यही है कि मैदान से जुड़े फैसले क्रिकेटरों पर छोड़े जाएं और प्रशासक मैदान के बाहर की जिम्मेदारियां संभालें. एमएसडी को टीम और हमारे खेलने के तरीके को आकार देने की पूरी आज़ादी और समर्थन मिला. यह रिश्ता स्वाभाविक था और इसके नतीजे सबके सामने हैं,

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