विदेश में पढ़ने का सपना होगा पूरा, MP सरकार दे रही 50 हजार डॉलर सालाना की मदद, जानें किनके लिए फेलोशिप

विदेश में पढ़ने का सपना होगा पूरा, MP सरकार दे रही 50 हजार डॉलर सालाना की मदद, जानें किनके लिए फेलोशिप


Educaiton News: बहुत से स्टूडेंट्स का सपना होता है कि वे विदेश में जाकर पढ़ाई करें. लेकिन, अधिकांश स्टूडेंट ऐसे होते हैं, जिनकी पारिवारिक स्थिति कमजोर होने की से वे विदेश जाने में सक्षम नहीं हो पाते. हालांकि, ऐसे प्रतिभावान छात्रों का सपना मध्य प्रदेश सरकार पूरा कर रही है. इसके लिए एक बड़ी धनराशि स्टूडेंटों के लिए खर्च कर रही है.

वैसे तो ऐसे होनहार स्टूडेंट्स के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार की अलग-अलग फैलोशिप हैं, जिनकी मदद से यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, कनाडा जैसे देश में जाकर वे पढ़ाई कर सकते हैं. लेकिन, आज मध्य प्रदेश सरकार की उस स्कीम की बात रहे हैं, जो अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए चलाई जा रही है. इस फेलोशिप के जरिए होनहार छात्र फॉरेन जाकर पढ़ाई कर सकते हैं. मध्य प्रदेश सरकार उन्हें 50000 डॉलर की मदद करेगी.

ऐसे करें आवेदन 
अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति का कोई स्टूडेंट विदेश में जाकर पढ़ाई करना चाहता है और मध्य प्रदेश सरकार से मदद की दरकार है तो वह एससी-एसटी फेलोशिप वाले पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकता है. इसमें संबंधित डॉक्यूमेंट और आर्थिक स्थिति से संबंधित डिटेल देनी होगी. आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े एससी-एसटी के लोगों के लिए विशेष रूप से यह योजना केवल मध्य प्रदेश के मूल निवासियों के लिए चलाई जा रही है. इस योजना के तहत इस वर्ग की छात्र-छात्राएं विदेश में पोस्टग्रेजुएट स्तर के पाठ्यक्रम में पढ़ाई, शोध उपाधि (पीएचडी) और पीएचडी के बाद के अध्ययन कार्यक्रमों में भाग लेने में राज्य सरकार विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना के तहत सालाना 50 हजार डॉलर तक की मदद देती है.

छात्रवृत्ति का जानें पूरा लाभ
सागर की डॉ.हरिसिंह गौर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के मीडिया अधिकारी डॉ. विवेक जायसवाल बताते हैं कि प्रतिभावान छात्र-छात्राओं के लिए सरकार द्वारा नेशनल व स्टेट अलग-अलग तरह की फेलोशिप दी जाती हैं. ऐसे में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा विदेश छात्रवृत्ति योजना के तहत $50,000 का सपोर्ट किया जाता है. इसमें सालाना 40,000 डॉलर अध्ययन के लिए, $9000 रहन-सहन खर्च के लिए और आकस्मिक भत्ता एक हजार डॉलर सालाना दिया जाता है. इसमें वीजा फीस, पोलटैक्स फीस, बीमा प्रीमियम, रेल या हवाई जहाज का वास्तविक किराया शामिल होता है. पीजी कोर्स से लिए दो वर्ष तक और पीएचडी के लिए 4 वर्ष के लिए यह छात्रवृत्ति दी जाती है.

आगे बताया, इसके अलावा छात्र सेंट्रल के पोर्टल पर भी जाकर इसका सीधा लाभ ले सकते हैं. विद्यार्थी चाहे राज्य सरकार और चाहे तो सेंट्रल से कहीं पर भी आवेदन करके इसका फायदा उठा सकते हैं. एससी-एसटी वर्ग के विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए स्पेशल रूप से यह योजना चलाई जा रही है.



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