नई दिल्ली: साल 2005 से पहले क्रिकेट में सिर्फ दो फॉर्मेट का खेल होता था. टीमें वनडे और टेस्ट क्रिकेट में मैदान पर मुकाबला करती थी, लेकिन धीरे-धीरे फैंस के लिए टेस्ट और वनडे क्रिकेट बोझिल होने लगी. खास तौर से टेस्ट फॉर्मेट, फैंस को उबाऊ लगने लगा. ऐसे में आईसीसी ने एक शॉर्टर फॉर्मेट को लॉन्च किया, जिसे टी-20 कहा गया. यानी 20-20 ओवरों का खेल. शुरुआत में आईसीसी का ये प्रयोग काफी मजाकिया था, लेकिन धीरे-धीरे यह इतना लोकप्रिय हुआ कि अब इस फॉर्मेट के लिए 10वां टी20 विश्व कप खेला जा रहा है.
वैसे तो टी20 फॉर्मेट को असली पहचान साल 2007 में खेले गए आईसीसी विश्व कप से मिली थी, लेकिन बहुत कम क्रिकेट फैंस को पता है कि इस फॉर्मेट का पहला इंटनेशनल मैच साल 2005 में खेला गया था. यह मुकाबला ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच ऑकलैंड के ईडन पार्क में हुआ था. एक तरीके से दोनों टीमें इसे एक पदर्शनी मैच के तौर पर खेलने मैदान पर उतरी थी, लेकिन किसे पता था कि धीरे-धीरे ये इतना लोकप्रिय हो जाएगा कि लोग टेस्ट और वनडे से ज्यादा टी20 को पसंद करने लगेंगे. ऐसे में आइए जानते पहले टी20 इंटरनेशनल मैच में क्या कुछ हुआ था.
ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड के बीच खेला गया था पहला टी20
टी20 इंटरनेशनल का पहला मुकाबला 17 फरवरी 2005 को ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच खेला गया था. दोनों टीमें इस मैच के लिए ऑकलैंड के ईडन पार्क मैदान पर उतरी थी. क्रिकेट इतिहास का यह सबसे अनोखे और यादगार मुकाबलों में से एक था. पहली बार शॉर्टर फॉर्मेट में होने वाले मैच के लिए दोनों ही टीमें कुछ खास सीरियस नहीं थी.
यही वजह है कि खिलाड़ी मैच को मनोरंजन से भरपूर बनाने के लिए रेट्रो जर्सी पहनी थी. कीवी टीम 1980 के दशक की अपनी फेमस बेज जर्सी में मैदान पर उतरी. इसके साथ ही खिलाड़ियों ने उस दौर के याद को ताजा करने के लिए नकली मूंछें और पुराने स्टाइल के हेयरबैंड और विग भी पहने थे. वहीं ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 1980 के दशक की अपनी क्लासिक पीली और हरी पट्टियों वाली जर्सी पहनकर मैदान पर उतरी थी.
मैच को सीरियस नहीं ले रहे थे खिलाड़ी
न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया दोनों टीमों के खिलाड़ी इस मैच को ज्याद तवज्जो नहीं दे रहे थे. मैच के साथ-साथ खिलाड़ी खूब मस्ती भी कर रहे थे. ऐसा ही कुछ ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज ग्लेन मैक्ग्रा ने किया जिसे फैंस आज तक नहीं भुला पाए होंगे. मैच का सबसे चर्चित पल तब आया जब आखिरी ओवर में न्यूजीलैंड को जीत के लिए एक गेंद पर 45 रन चाहिए थे. इस आखिरी गेंद पर ग्लेन मैक्ग्रा ने मजाक में 1981 की विवादास्पद घटना को दोहराने की कोशिश की और गेंद को जमीन पर लुढ़काकर यानी अंडरआर्म फेंकने का नाटक किया.
चुकी खिलाड़ी भी मस्ती में थे तो ऐसे में मैक्ग्रा की इस हरकत पर अंपायर भी कहां चूकने वाले थे. मैक्ग्रा के अंडरआर्म बॉलिंग पर अंपायर बिली बोडेन ने भी इस मजाक को जारी रखा और अपने पीछे की जेब से लाल कार्ड निकालकर मैक्ग्रा को फुटबॉल शैली में मैदान से बाहर जाने का इशारा किया. क्रिकेट के मैदान पर रेड कार्ड का यह दृश्य आज भी एक क्लासिक कॉमेडी मूमेंट माना जाता है.
इतिहास रचने से सिर्फ 2 रन दूर गए थे पोंटिंग
एक तरफ पहले टी20 मैच में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड केखिलाड़ी इसे प्रदर्शनी की तरह ले रहे थे तो, दूसरी ओर रिंकी पोंटिंग अलग ही मूड में थे. रिकी ने पोटिंग ने न्यूजीलैंड के खिलाफ इस मैच में धुआंधार बल्लेबाजी करते हुए 98 रनों की पारी खेली थी. 55 गेंद की इस पारी में वह नाबाद रहे, जिसमें उन्होंने 8 चौके और 5 छक्के भी लगाए थे. पोंटिंग टी20 इंटरनेशनल में शतक बनाने वाले पहले खिलाड़ी बनने के बहुत करीब थे, लेकिन पारी समाप्त हो गई.
ऑस्ट्रेलिया की टीम ने इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर के खेल में 5 विकेट के नुकसान पर 214 रन का स्कोर खड़ा किया. ऑस्ट्रेलिया के इस स्कोर के जवाब में न्यूजीलैंड की टीम 170 रनों पर सिमट गई थी. इस तरह ऑस्ट्रेलिया ने यह ऐतिहासिक मैच 44 रनों से जीता. टी20 फॉर्मेट के इस पहले मैच ने दुनिया को बता दिया टी20 क्रिकेट न केवल रोमांचक है, बल्कि यह क्रिकेट का भविष्य भी है.